Yuva Haryana: हरियाणा में धान खरीद को लेकर चल रहा गतिरोध अब खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बातचीत के बाद मिलर्स ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। इससे प्रदेश की मंडियों में धान की खरीद और उठान प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रदेश की विभिन्न मंडियों में अब तक 20 लाख क्विंटल से अधिक धान की आवक हो चुकी है। हालांकि कई मंडियों में खरीद और उठान की गति धीमी रहने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। धान की खरीद शुरू होने के शुरुआती दिनों में मंडियों में किसानों की भीड़ और फसल के उठान को लेकर समस्याएं सामने आई थीं।
मिलर्स की हड़ताल खत्म होने से खरीद में आएगी तेजी
मिलर्स की हड़ताल के कारण धान के उठान और मिलिंग प्रक्रिया पर असर पड़ रहा था। सरकार और मिलर्स के बीच बातचीत के बाद हड़ताल खत्म होने से अब मंडियों में पड़े धान के उठान की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
किसानों की ओर से धान की खरीद और उठान को लेकर अधिकारियों के समक्ष लगातार शिकायतें रखी जा रही थीं। कई जगह किसानों को अपनी फसल लेकर मंडियों में इंतजार करना पड़ा।
कई मंडियों में खरीद को लेकर किसानों का हंगामा
धान की खरीद शुरू होने के दूसरे दिन पिहोवा में किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना दिया। किसानों का आरोप था कि खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है। इस दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बनी।
किसानों ने मंडियों में खरीद व्यवस्था को सुचारु करने और धान का जल्द उठान कराने की मांग की। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई।
धान की आवक लगातार बढ़ रही
प्रदेश की मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट में कैथल, कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत, अंबाला और यमुनानगर समेत कई जिलों में बड़ी मात्रा में धान पहुंचने का उल्लेख है।
सरकार की ओर से खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मिलर्स की हड़ताल समाप्त होने के बाद मंडियों में जमा धान के उठान और मिलिंग कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
किसानों को जल्द भुगतान की उम्मीद
धान की खरीद प्रक्रिया सामान्य होने से किसानों को अपनी फसल बेचने और भुगतान मिलने में राहत मिल सकती है। सरकार और संबंधित एजेंसियों के सामने अब मंडियों में पहुंच रही फसल की समय पर खरीद, उठान और किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने की चुनौती है।

