Yuva Haryana: हरियाणा में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को दो अहम बैठकें आयोजित की गईं। पहली बैठक में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने भाग लिया, जिसमें लोकतंत्र और मताधिकार की सुरक्षा के लिए ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ तथा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान’ को पूरे प्रदेश में संयुक्त रूप से चलाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
गठबंधन के दल प्रदेश के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेंगे और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएंगे।
मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के खिलाफ आज सभी जिलों में प्रदर्शन
गठबंधन की बैठक के बाद हरियाणा कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ वीरवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि मनमाने तरीके से मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने की शिकायतें बेहद गंभीर हैं। इस पर जिला मुख्यालयों के माध्यम से सरकार से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस बूथ स्तर तक इस अभियान को ले जाएगी।
पंचकूला: प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन होगा।
अंबाला: संजय दत्त, राव नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेता मोर्चा संभालेंगे।
जातीय जनगणना को लेकर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस नेताओं ने जातीय जनगणना की मांग को लेकर बुधवार को राज्यपाल असीम कुमार घोष को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मताधिकार और संविधान की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दल एकजुट होकर सड़क पर उतरेंगे। बैठक में राजद के प्रदेश अध्यक्ष राम अवतार यादव, सीपीआई(एम) के राज्य सचिव प्रेमचंद व दरियाव सिंह कश्यप, सीपीआई के राज्य सचिव विनोद घड़ोली समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सीएम चेहरे पर कुलदीप शर्मा का बयान: ‘पहले सरकार बनाएंगे, चेहरा हाईकमान तय करेगा’
दूसरी ओर, हरियाणा में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रही चर्चाओं पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की है। हाईकमान को लिखे गए पत्र के सवाल पर उन्होंने कहा:
“लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में देश में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी है। कांग्रेस की परंपरा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की नहीं रही है। पार्टी का असली चेहरा उसकी नीतियां, राहुल गांधी और हाईकमान हैं। आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी।”

