Yuva Haryana: पूर्व बिजली मंत्री एवं इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए बिजली वितरण लाइसेंस के मामले में भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के हालिया हस्तक्षेप से फिलहाल संकट टल गया है, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत जारी निर्देशों को मंत्रिपरिषद की औपचारिक मंजूरी मिली थी या नहीं। इसी धारा के तहत हरियाणा सरकार ने विद्युत विनियामक आयोग को वितरण लाइसेंस पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
क्या था पूरा मामला?
- हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने 19 अक्टूबर 2026 को संबंधित कंपनी को 25 साल के लिए बिजली वितरण का लाइसेंस दिया था।
- इस फैसले के विरोध में करीब 40 हजार बिजली इंजीनियर और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया था।
- इस हड़ताल के कारण उद्योगों का कामकाज, जलापूर्ति और आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ था।
प्रो. संपत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने संकट के दौरान सरकार को विद्युत अधिनियम की धारा 94 के तहत लंबी पुनर्विचार प्रक्रिया अपनाने के बजाय, धारा 108 के तहत तत्काल नीतिगत निर्देश जारी करने का सही सुझाव दिया था।

