Yuva Haryana; अंबाला (पवन पासी): राज्य मानवाधिकार आयोग में पिछले साढ़े 10 वर्षों (2016 से जुलाई 2026 तक) के दौरान कुल 28,719 शिकायतें दर्ज की गई हैं। आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन शिकायतों में सबसे बड़ा हिस्सा अकेले पुलिस महकमे की कार्यशैली को लेकर है। कुल मामलों में से लगभग 43 प्रतिशत (12,352 मामले) शिकायतें पुलिस के खिलाफ दर्ज हुई हैं।
शिकायतों में पुलिस महकमा सबसे आगे
डेटा के मुताबिक, हर 5 में से 2 शिकायतें पुलिस विभाग से जुड़ी हैं। पुलिस के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले वर्ष 2019 में आए थे।
वर्ष 2016: 1,299 मामले
वर्ष 2019: सर्वाधिक मामले
वर्ष 2024: घटकर 768 मामले रह गए
वर्ष 2025: फिर बढ़ोतरी दर्ज हुई और 1,374 नए मामले आए
‘विविध श्रेणी’ दूसरे स्थान पर
आयोग के अनुसार, दूसरे नंबर पर ‘विविध’ (Miscellaneous) श्रेणी रही, जिसमें कुल 10,401 मामले दर्ज किए गए।
वर्ष 2016 में विविध श्रेणी के 3,264 नए मामले आए थे।
वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 2,127 रह गई थी, लेकिन वर्ष 2025 में फिर बढ़कर 3,110 तक पहुंच गई।
वर्ष 2026 में जुलाई महीने तक ही 2,178 मामले दर्ज हो चुके हैं।
सेवा संबंधी मामलों में लगातार बढ़ोतरी
सेवा (Service) से जुड़े मामलों में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
वर्ष 2016 में जहां इस श्रेणी के 90 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 168 हो गई। \
वर्ष 2026 में जुलाई तक यह आंकड़ा बढ़कर 340 शिकायतों तक पहुंच चुका है।
किस विभाग में कितनी शिकायतें?
विविध मामले: 10,401
सेवा संबंधी: 1,660
महिला मामले: 1,479
स्वास्थ्य विभाग: 677
जेल विभाग: 645
श्रम विभाग: 306
प्रदूषण व पर्यावरण: 264
बाल मामले: 261
सांप्रदायिक हिंसा: 257
एससी/एसटी/ओबीसी: 152
दंगे: 125
न्यायपालिका: 47
अल्पसंख्यक: 39
अंडरवर्ल्ड: 21
रक्षा बल: 15
बाल सुधार गृह: 8
अर्धसैनिक बल: 5
विदेशी/एनआरआई: 4
शरणाथी/प्रवासी: 1
इन वर्गों की शिकायतें रहीं सबसे कम
विदेशी नागरिकों, एनआरआई और अर्धसैनिक बलों से जुड़ी शिकायतें सबसे कम दर्ज की गई हैं। वहीं, शरणार्थियों और प्रवासियों से संबंधित श्रेणी में 2016 के बाद से कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ है।
पुलिस के अलावा अन्य सभी विभागों को मिलाकर कुल 16,367 शिकायतें आईं। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक कुल शिकायतें वर्ष 2016 (3,264) और वर्ष 2025 (3,110) में दर्ज की गईं।

