Yuva Haryana: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कड़ा कदम उठाया है। एनसीआर में अब सीएनजी और डीजल चालित ऑटोरिक्शा को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा और उनकी जगह केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-रिक्शा) के पंजीकरण को ही हरी झंडी दी जाएगी। सीएक्यूएम द्वारा 7 अक्टूबर को जारी की गई अधिसूचना के तहत यह नियम लागू किया गया है।
कब और कहां लागू होंगे नए नियम?
दिल्ली: 1 जनवरी 2027 से नए सीएनजी और डीजल चालित थ्री-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद हो जाएगा। दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का ही नया पंजीकरण होगा।
गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाज़ियाबाद और नोएडा/ग्रेटर नोएडा: हाई व्हीकल डेंसिटी वाले इन शहरों में नए सीएनजी थ्री-व्हीलर वाहनों के पंजीकरण पर 1 जनवरी 2028 से बैन लागू होगा।
एनसीआर के बाकी जिले: एनसीआर के अंतर्गत आने वाले अन्य सभी जिलों में 1 जनवरी 2029 से सीएनजी थ्री-व्हीलर का नया रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
हरियाणा के 14 जिलों में बंद होंगे डीजल ऑटो
नोटिफिकेशन के अनुसार, हरियाणा के 14 जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, सोनीपत, करनाल, जींद, झज्जर, रोहतक, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी—में डीजल चालित ऑटो अगले साल 1 जनवरी से पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।
बैन लगाने की मुख्य वजह
ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) एमिशन फैक्टर्स के आंकड़ों के अनुसार:
ऑटो की कुल बिक्री में सीएनजी ऑटो की हिस्सेदारी 2.2% है।
हालांकि, वाहनों से होने वाले PM2.5 उत्सर्जन में सीएनजी ऑटो का योगदान 19% है।
प्रदूषण के इस बड़े आंकड़े को ध्यान में रखते हुए सीएक्यूएम ने एनसीआर से सीएनजी और डीजल ऑटो को हटाकर पूरी तरह ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।

