Yuva Haryana: सूचना के अधिकार (RTI) कानून को लेकर सरकारी विभागों और अधिकारियों का रवैया बेहद उदासीन बना हुआ है। सूचना मांगने पर टालमटोल करना और आयोग के आदेशों के बावजूद जुर्माना न भरना अधिकारियों की आदत बन चुका है। राज्य सूचना आयोग हरियाणा (RTI Commission) द्वारा लगाए गए भारी-भरकम जुर्माने के बाद भी करोड़ों रुपये की वसूली अटकी हुई है।
हरियाणा सूचना अधिकार मंच के राज्य संयोजक सुभाष द्वारा दाखिल की गई RTI में यह बड़ा खुलासा हुआ है।
RTI रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े व तथ्य:
लंबित शिकायतें व अपील: आयोग की स्थापना से लेकर जुलाई 2026 तक आयोग में 1,15,137 अपील और 12,756 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। वर्तमान में आयोग के पास 9,544 मामले लंबित हैं।
6.04 करोड़ का जुर्माना अटका: धारा 20(1) के तहत दोषी पाए गए 4,096 जन सूचना अधिकारियों (SPIOs) पर कुल 6 करोड़ 4 लाख 20 हजार 723 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
1,776 अफसरों ने नहीं भरा जुर्माना: आदेशों को दरकिनार करते हुए 1,776 जन सूचना अधिकारियों ने जुर्माने की राशि सरकारी खजाने में जमा ही नहीं करवाई।
कारण बताओ नोटिस का हश्र: 34,796 मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अधिकांश नोटिसों को बिना ठोस कार्रवाई के फाइलों में दबा (फाइल कर) दिया गया।
मुआवजा और अनुशासनात्मक कार्रवाई: आयोग ने 3,696 आवेदकों को 94.93 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया और धारा 20(2) के तहत 2,174 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।
गाड़ियां खूब दौड़ीं, लेकिन प्रचार-प्रसार पर ‘शून्य’ खर्च
आयोग के खर्चों को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है:
ईंधन पर लाखों का खर्च: पिछले साढ़े 4 सालों में सूचना आयोग में नियुक्त आयुक्तों की गाड़ियों में 73 लाख 77 हजार रुपये का ईंधन (पेट्रोल/डीजल) फूंक दिया गया।
- वर्ष 2022 में: ₹20,42,528
- वर्ष 2023 में: ₹17,38,821
- वर्ष 2024 में: ₹17,20,000
- वर्ष 2025 में: ₹10,98,989
- मई 2026 तक (5 महीने में): ₹7,76,636
प्रचार पर शून्य खर्च: 1 जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच RTI कानून के प्रचार-प्रसार, सेमिनार, वर्कशॉप या गोष्ठी के आयोजन पर एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया।
आयोग खुद स्टाफ की कमी से जूझ रहा (30 पद खाली)
राज्य सूचना आयोग हरियाणा में खुद कर्मचारियों और अधिकारियों के 30 पद विभिन्न श्रेणियों में खाली पड़े हैं, जिससे कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और आवेदकों को फैसलों की जानकारी समय पर नहीं मिल पा रही है।
खाली पदों का विवरण:
मुख्य सूचना आयुक्त के सचिव
अपर सचिव
4 पद – निजी सचिव (Private Secretary)
7 पद – पर्सनल सहायक (Personal Assistant)
5 पद – स्टेनो टाइपिस्ट
5 पद – पद सहायक
1 पद – पद लिपिक (Clerk)
1 पद – अनुसंधान अधिकारी-कम-सलाहकार
2 पद – जूनियर स्टेनो
3 पद – ड्राइवर
साल-दर-साल बढ़ता गया पेंडेंसी का बोझ
आयोग में लंबित मामलों (Pending Cases) का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है:
- 2022: 4,004 मामले
- 2023: 4,865 मामले
- 2024: 4,130 मामले
- 2025: 6,883 मामले
- जुलाई 2026 तक: 9,544 मामले लंबित

