Yuva Haryana : हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत का विवादों से पुराना नाता रहा हैं। अपने बयानों के चलते सुर्खियों में रहने वाली कंगना सोमवार को पंजाब में बठिंडा की एक अदालत में पेश हुई। मामला था मानहानि का।
दरअसल, किसान आंदोलन के दौरान 82 वर्षीय महिंदर कौर के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले को लेकर कंगना की कोर्ट में पेशी थी। हालांकि, अदालत ने कंगना को जमानत दे दी। कंगना व्यक्तिगत रूप से तीन अदालतों में पेश हुई और करीब एक घंटे तक वहां रहीं। मामले की अगली सुनवाई अब 24 नवंबर को होगी।
कोर्ट में पेशी के बाद मीडिया से बातचीत में कंगना ने इस पूरे मामले को गलतफहमी करार दिया। कंगना ने कहा कि उन्होंने सिर्फ एक मीम रीट्वीट किया था, किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने महिंदर कौर के पति से बात की और माफी मांग ली है, क्योंकि आज महिंदर कौर मौजूद नहीं थीं।
कंगना ने यह भी कहा कि किसान आंदोलन के दौरान कई मीम वायरल हो रहे थे, उनमें से एक को उन्होंने अनजाने में रीट्वीट कर दिया। वे सपने में भी नहीं सोच सकती कि जो अर्थ निकाला गया, वह उनके मन में था। उन्होंने कहा कि हिमाचल की मां हो या पंजाब की, उनके लिए सभी सम्माननीय हैं। यहां मौजूद उनके प्रशंसकों की संख्या और उनका प्यार देखिए।
वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ता महिंदर कौर के वकील का कहना है कि कंगना ने अदालत में कहा है कि उन्होंने गलती से रीट्वीट किया और किसी को निशाना नहीं बनाया। लेकिन, उनके मुवक्किल के पति लभ सिंह ने बताया कि कंगना ने पहले कभी माफी नहीं मांगी। उन्होंने सुरक्षा कारणों से व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट की अर्जी दी, जिसका हमने विरोध किया क्योंकि यह अर्जी आज ही प्राप्त हुई थी।
कोर्ट में लभ सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी महिंदर कौर खराब स्वास्थ्य के कारण सुनवाई में शामिल नहीं हो सकीं।
क्या है पूरा मामला?
- यह मामला जनवरी 2021 में दर्ज हुआ
- किसान आंदोलन के दौरान बहादुरगढ़ जंडियां गांव की महिंदर कौर की तस्वीर शेयर करके कंगना ने की टिप्पणी
- कंगना ने कहा था कि ‘ऐसी महिलाएं 100 रुपये में विरोध के लिए उपलब्ध हैं’
- इस बयान पर व्यापक आक्रोश हुआ और महिंदर कौर ने मानहानि का मुकदमा दायर किया
- कंगना की पेशी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई
- बठिंडा कोर्ट, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट और वर्चुअल सुनवाई की अर्जियों को खारिज कर दिया था



