10वीं की फर्जी मार्कशीट से दाखिला लेने के आरोपी को जमानत, कोर्ट ने रखी 5 पौधे लगाने की शर्त
Yuva Haryana: हरियाणा के सोनीपत में 10वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट जमा कर उच्च कक्षा में दाखिला लेने के करीब चार साल पुराने मामले में अदालत ने 26 वर्षीय आरोपी को नियमित जमानत दे दी है। हालांकि, जमानत देते समय अदालत ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक विशेष शर्त भी लगाई है। आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर पांच पौधे लगाने होंगे और अगले दो साल तक उनकी नियमित देखभाल करनी होगी। इसके साथ ही उसे पौधों की तस्वीरें अदालत में सबूत के तौर पर जमा करानी होंगी।
यह आदेश सोनीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सिरोही की अदालत ने दिया है। आरोपी की पहचान गोहाना क्षेत्र के गांव छिछड़ाना निवासी आकाश के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 20 सितंबर 2026 को हिसार से गिरफ्तार किया था। अदालत ने मामले के तथ्यों और आरोपी की जमानत याचिका पर विचार करने के बाद उसे नियमित जमानत देने का फैसला किया।
कोविड के दौरान परीक्षा रद्द होने के बाद सामने आया मामला
मामले की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। उस समय कोरोना महामारी के कारण 10वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। इसके बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी की ओर से की गई जांच में सामने आया कि कुछ विद्यार्थियों ने परीक्षा रद्द होने के बाद मूल्यांकन के समय हरियाणा काउंसिल ऑफ ओपन स्कूलिंग नाम के फर्जी संस्थान के प्रमाणपत्र जमा कराए थे।
जांच के दौरान आकाश के दस्तावेज भी संदेह के घेरे में आए। आरोप है कि उसने 10वीं कक्षा का फर्जी प्रमाणपत्र जमा करके आगे की कक्षा में दाखिला लिया था। इस मामले में 10 अक्टूबर 2022 को बरोदा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया।
चार साल पुराने मामले में मिली नियमित जमानत
करीब चार साल से चल रहे इस मामले में अदालत ने आरोपी को नियमित जमानत देने का आदेश दिया है। हालांकि, जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी को आरोपों से बरी कर दिया गया है। मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
अदालत ने जमानत के साथ यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके लिए उसे सार्वजनिक स्थान पर पीपल, नीम या बरगद जैसे पांच पौधे लगाने होंगे। इन पौधों को लगाने के बाद उनकी देखभाल करना भी उसकी जिम्मेदारी होगी।
दो साल तक करनी होगी पौधों की देखभाल
अदालत की शर्त के अनुसार, आरोपी को केवल पौधे लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं माननी होगी। उसे अगले दो वर्षों तक पौधों की नियमित देखभाल करनी होगी, ताकि वे सुरक्षित रहें और विकसित हो सकें। इसके अलावा अगली सुनवाई से पहले पौधे लगाने का प्रमाण तस्वीरों के रूप में अदालत में जमा कराना अनिवार्य होगा।
इस तरह अदालत ने जमानत की शर्त को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए आरोपी को समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया है। सोनीपत की अदालत पहले भी अलग-अलग मामलों में आरोपियों को जमानत देते समय पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने जैसी शर्तें लगा चुकी है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें शिक्षा से जुड़े दस्तावेजों की कथित जालसाजी के साथ पर्यावरण संरक्षण की शर्त को जोड़ा गया है। अब आरोपी को जमानत पर रहते हुए अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा। यदि वह निर्धारित समय में पौधे लगाने और उनकी देखभाल का प्रमाण नहीं देता है, तो अदालत इस संबंध में आगे उचित कार्रवाई पर विचार कर सकती है।

