हरियाणा में IPS पूरन कुमार सुसाइड केस पकड़ा तूल, सातवें दिन भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम

Yuva Haryana : हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की सुसाइड का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सातवें दिन भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। वाई पूरन की धर्मपत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ी हुई है।
परिजनों की ओर से चंडीगढ़ पुलिस को अब तक वह लैपटॉप भी नहीं मिला है, जिसमें 9 पन्नों का सुसाइड नोट टाइप किया गया था।
आपको बता दें कि वाई पूरन कुमार का शव पीजीआई की मोर्चरी में कई दिनों से सुरक्षित रखा गया है, लेकिन स्वजन अब तक शव पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं हुए है। प्रशासन और पुलिस लगातार परिवार को मनाने का प्रयास कर रहे है, लेकिन वार्ता सफल नहीं हुई।
ऐसे में पुलिस एसआईटी का यह भी मानना है कि शव के अधिक समय तक रखे रहने से महत्वपूर्ण सबूत नष्ट हो सकते है, जिससे पूरे मामले की न्यायिक प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
इस मामले को लेकर रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित रविदास मंदिर में अनुसूचित जाति के 36 संगठनों ने महापंचायत भी बुलाई थी। इसमें चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कई संगठनों ने भाग लिया। संगठन के तमाम नेताओं ने डीजीपी हरियाणा को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई।
महापंचायत ने चंडीगढ़ प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि चंडीगढ़ पुलिस आरोपित अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं करेगी तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। संगठन ने भारत बंद की भी चेतावनी दी। वहीं चंडीगढ़ सफाई कर्मचारी यूनियन ने भी शहर की सफाई बंद करने की चेतावनी दी।
वहीं चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी टीम जांच के लिए हरियाणा के रोहतक भी गई थी। बताया जा रहा है कि एसआईटी टीम ने रोहतक थाने में दर्ज एफआईआर को लेकर जांच की और हरियाणा पुलिस से जेल में बंद एडीजीपी के गनमैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर का पूरा रिकॉर्ड मांगा।
First published on: October 13, 2025 05:21 PM