Yuva Haryana: हरियाणा कांग्रेस समिति द्वारा दो से आठ अक्टूबर तक “लोकतंत्र बचाओ सप्ताह” के तहत पूरे प्रदेश में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के समापन अवसर पर आठ अक्टूबर को सभी जिलों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त रूप से विशाल रोष मार्च निकाले जाएंगे।
दिल्ली बैठक के फैसले के बाद शुरू हुआ अभियान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि 30 सितंबर को नई दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार देशभर में जनजागरण अभियान चलाने का फैसला किया गया, जिसके तहत हरियाणा में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और मताधिकार की रक्षा के लिए यह अभियान प्रदेशभर में चलाया जा रहा है।
जिला स्तर पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
अभियान को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने विभिन्न जिलों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। ये पर्यवेक्षक समन्वय बैठकों से लेकर 8 अक्टूबर को आयोजित होने वाले मार्च तक सभी कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे।
अंबाला में होने वाले मार्च का नेतृत्व प्रभारी संजय दत्त, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा करेंगे।
छह अक्टूबर को समन्वय बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस
कार्यक्रम के अनुसार छह अक्टूबर को जिला स्तर पर इंडिया गठबंधन की संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की रूपरेखा और उद्देश्य साझा किए जाएंगे।
सात अक्टूबर को होगी तैयारियों की समीक्षा
सात अक्टूबर को ब्लॉक स्तर पर संयुक्त तैयारी बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें मार्च के मार्ग, समय, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसी दिन चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गठबंधन के राज्य स्तरीय नेताओं की बैठक भी प्रस्तावित है।
आठ अक्टूबर को निकलेगा संयुक्त रोष मार्च
आठ अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों में इंडिया गठबंधन की ओर से संयुक्त ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च निकाला जाएगा। कार्यक्रम का समापन डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी की प्रतिमा अथवा डीसी कार्यालय के समक्ष किया जाएगा।
इस दौरान संविधान के अनुच्छेद-326 का वाचन किया जाएगा। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया जाएगा।
जन-आंदोलन का रूप देने की तैयारी
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संविधान और मताधिकार की रक्षा के उद्देश्य से इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। पार्टी का दावा है कि यह अभियान लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर जनता को जागरूक करने का काम करेगा।

