Yuva Haryana: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) में हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में पूर्व विधायक राम निवास सुरजाखेड़ा समेत पांच आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है।
मामला मूल रूप से वर्ष 2015 से 2019 के बीच HSVP के बैंक खातों से हुए संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा है। शुरुआती जांच में लगभग 70 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई थी, लेकिन ED की जांच के दौरान यह राशि बढ़कर 225.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
पांच आरोपी करेंगे ट्रायल का सामना
ईडी की चार्जशीट में पूर्व विधायक राम निवास के अलावा पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी सुनील कुमार बंसल, बलविंदर, हरिंदर पाल और रणजीत सिंह को आरोपी बनाया गया है। अदालत ने कहा कि चार्जशीट, दस्तावेजों और गवाहों के बयान प्रथम दृष्टया मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार प्रदान करते हैं।
क्या है ईडी का आरोप ?
ईडी के अनुसार, राम निवास और सुनील बंसल ने कथित तौर पर सरकारी धन को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराया। जांच में HSVP से जुड़े 10 अतिरिक्त बैंक खातों का भी पता चला, जिनके माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया। एजेंसी का दावा है कि इस राशि का उपयोग संपत्तियां खरीदने, वाहनों और निजी-राजनीतिक गतिविधियों में किया गया।
ईडी ने अदालत में कहा कि अपराध से अर्जित धन को छिपाने और वैध दिखाने के लिए कई व्यक्तियों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी का दावा है कि कुछ खातों में रकम भेजकर नकद निकासी करवाई गई और धन आरोपियों तक पहुंचाया गया।
बचाव पक्ष ने लगाए राजनीतिक रंजिश के आरोप
सुनवाई के दौरान राम निवास के वकील ने दलील दी कि चार्जशीट में ऐसा कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि उनके मुवक्किल ने अपराध से अर्जित धन को जुटाया, छिपाया या उसका उपयोग किया। बचाव पक्ष ने मामले को राजनीतिक रंजिश से प्रेरित बताया।
वहीं ईडी ने अदालत को बताया कि पीएमएलए के तहत अपराध सिद्ध करने के लिए पर्याप्त मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं तथा मामले में पहले ही कई संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
ईडी ने 2023 में शुरू की थी जांच
ईडी ने 26 अक्टूबर 2023 को ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान एजेंसी को HSVP से जुड़े कई संदिग्ध बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया।

