Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने राज्य में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप नीति-2022 का विस्तार कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, निवेश प्रोत्साहन, पेटेंट सहायता और सरकारी खरीद में प्राथमिकता जैसी कई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। इसी लक्ष्य के तहत स्टार्टअप्स को नई आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
25 लाख रुपये तक निवेश पर सरकार देगी बराबर राशि
नई नीति के अनुसार यदि किसी स्टार्टअप में निजी निवेशक निवेश करता है, तो सरकार भी अधिकतम 25 लाख रुपये तक समान राशि (Matching Grant) उपलब्ध कराएगी। इससे शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी और उनके विकास को गति मिलेगी।
महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान
महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को एंजेल निवेश पर 50 प्रतिशत तक सहायता (अधिकतम 10 लाख रुपये) प्रदान की जाएगी। इसके अलावा महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, नेटवर्किंग और व्यवसाय विस्तार में भी सहयोग दिया जाएगा।
पेटेंट और बौद्धिक संपदा पर सहायता
स्टार्टअप्स को नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार पेटेंट फाइलिंग और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से जुड़े खर्चों पर भी सहायता प्रदान करेगी।
- पेटेंट आवेदन शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति।
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए वित्तीय सहायता।
- ट्रेडमार्क और डिजाइन पंजीकरण में सहयोग।
- उत्पाद विकास और मार्केटिंग में मदद
स्टार्टअप्स को उत्पाद परीक्षण, बाजार अनुसंधान, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि केवल नवाचार ही नहीं बल्कि बाजार तक पहुंच भी स्टार्टअप की सफलता के लिए जरूरी है।
सरकारी खरीद में मिलेगा मौका
राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया में भी अवसर बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे नए उद्यमों को अपने उत्पाद और सेवाएं सीधे सरकारी विभागों को उपलब्ध कराने का अवसर मिलेगा।
हर जिले में बनेंगे इन्क्यूबेशन सेंटर
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हर जिले में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से नए उद्यमियों को तकनीकी मार्गदर्शन, मेंटरशिप, प्रशिक्षण और निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और अन्य प्रमुख शहरों में आधुनिक स्टार्टअप हब विकसित किए जाएंगे ताकि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप केंद्र के रूप में उभर सके।
युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
सरकार का मानना है कि स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। नई नीति के विस्तार से युवाओं, महिलाओं और नवाचार आधारित उद्यमों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा सरकार का लक्ष्य राज्य को देश के अग्रणी स्टार्टअप केंद्रों में शामिल करना है और इसके लिए वित्तीय सहायता से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर तक व्यापक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

