हरियाणा में राशन डिपो संचालकों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट के आदेश के बाद लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई पर रोक; प्रदेश में 7 डिपो संचालकों ने नए प्रावधान को चुनौती दी थी।
Yuva Haryana: हरियाणा में राशन डिपो संचालकों से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राहत देते हुए लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत के आदेश के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अब मामले में अंतिम निर्णय होने तक संबंधित डिपो संचालकों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
मामला राशन डिपो संचालन नियमों में किए गए उस बदलाव से जुड़ा है, जिसके तहत यदि किसी डिपो संचालक या नए आवेदक का कोई नजदीकी रिश्तेदार ग्राम पंचायत का सरपंच, पंच या नगर निकाय का सदस्य है, तो उसका लाइसेंस रद्द किए जाने का प्रावधान जोड़ा गया था।
नए नियम को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती
सरकार ने 1 अगस्त 2022 के राशन डिपो संचालन नियमों में बदलाव कर नया प्रावधान जोड़ा था। इसके विरोध में डिपो संचालकों ने 22 अगस्त 2026 को विभाग के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसके बावजूद कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर सितंबर 2026 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि कई डिपो संचालक वर्षों से राशन वितरण का काम कर रहे हैं। लाइसेंस मिलने के समय उनके रिश्तेदारों के पास कोई राजनीतिक या पंचायत पद नहीं था,
लेकिन बाद में परिवार के सदस्य सरपंच, पंच या नगर निकाय के सदस्य निर्वाचित हो गए। ऐसे में नए प्रावधान से उनकी आजीविका और रोजगार पर असर पड़ सकता है।
सात डिपो संचालकों ने दायर की याचिका
रतन सिंह सहित कुल सात डिपो संचालकों ने इस प्रावधान को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुबीर सहगल और न्यायमूर्ति राजेश गौड़ की खंडपीठ के समक्ष हुई।
अदालत ने राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया कि 22 अगस्त 2026 को डिपो संचालकों की ओर से दिए गए मांगपत्र पर निर्णय होने तक उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाए। इसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से संबंधित जिलों के अधिकारियों को आदेश का पालन करने के निर्देश जारी किए गए।
प्रदेश में 7,259 राशन डिपो, 39 लाख से अधिक राशन कार्ड
हरियाणा में कुल 7,259 राशन डिपो हैं। इनके माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 39,43,192 राशन कार्ड पंजीकृत हैं, जिनमें 1,53,42,609 लाभार्थी शामिल हैं।
इन लाभार्थियों को सरकारी व्यवस्था के तहत गेहूं, चीनी और तेल जैसी आवश्यक वस्तुएं वितरित की जाती हैं। राशन डिपो सार्वजनिक वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए संचालकों से जुड़े नियमों और लाइसेंस संबंधी फैसलों का असर राशन वितरण व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
500 राशन कार्ड पर एक डिपो बनाने की योजना
हरियाणा सरकार 500 राशन कार्ड पर एक राशन डिपो बनाने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके तहत प्रदेश में नए डिपो खोलने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है और आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल, जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों से जुड़े लाइसेंस विवाद में हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश संबंधित डिपो संचालकों को राहत देता है। मामले में आगे का फैसला याचिका और सरकार के पक्ष पर होने वाली सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा।

