Yuva Haryana : हरियाणा में परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि के सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया को आसान कर दिया गया है। अब नागरिकों को अपनी जन्मतिथि से जुड़ी गलतियों के समाधान के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर काटने की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा।
15 सितंबर से लागू हुई नई व्यवस्था
15 सितंबर से जन्मतिथि सत्यापन से जुड़े मामलों की प्रक्रिया उपमंडल स्तर पर पूरी होनी शुरू हो गई है। पहले ऐसे मामलों के लिए जिला स्तर पर प्रक्रिया होने के कारण लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।
उपमंडल स्तर पर होगा सत्यापन
नई व्यवस्था के तहत जन्मतिथि से संबंधित मामलों का सत्यापन उपमंडल अधिकारी के स्तर पर किया जा सकेगा। यदि सत्यापन में अनावश्यक देरी होती है या मामला निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पाता है तो अतिरिक्त उपायुक्त को भी कार्रवाई के विशेष अधिकार दिए गए है।
सरकारी योजनाओं के लिए जन्मतिथि जरूरी
परिवार पहचान पत्र में दर्ज जन्मतिथि कई सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। जून 2026 में परिवार पहचान प्राधिकरण ने उन लाभार्थियों के लिए जन्मतिथि सत्यापन अभियान भी शुरू किया था, जिनका रिकॉर्ड अभी सत्यापित नहीं हुआ था। ऐसे लाभार्थियों को एसएमएस के जरिए सूचना भेजकर 30 दिनों में सत्यापन कराने का समय दिया गया था।
जन्मतिथि के सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, 10वीं कक्षा का प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और पीपीओ जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई थी।
नागरिकों को मिलेगी राहत
नई प्रक्रिया का उद्देश्य पीपीपी में जन्मतिथि से जुड़े मामलों के निपटारे को स्थानीय स्तर पर आसान बनाना और लंबित मामलों को कम करना है। इससे नागरिकों को सत्यापन के लिए बार-बार जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।



