हरियाणा में ड्रोन से होगी प्लॉट और मकानों की फोटोग्राफी, करनाल-पानीपत से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
Yuva Haryana: हरियाणा में अब कंट्रोल एरिया की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य सरकार ने भवनों, खाली प्लॉट और जमीन की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके पहले चरण में करनाल और पानीपत में काम शुरू किया गया है। इस योजना के तहत ड्रोन की मदद से भवनों और खाली जमीन की तस्वीरें ली जाएंगी। इससे संबंधित विभागों को शहरी क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और भविष्य की योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।
करनाल-पानीपत में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
हरियाणा के कंट्रोल एरिया में ड्रोन से सर्वे करने की तैयारी की गई है। इसके लिए 10 ड्रोन टीमें लगाई गई हैं। पहले चरण में करनाल और पानीपत में काम शुरू कर दिया गया है। अब तक इन क्षेत्रों में सर्वे के लिए प्राइवेट ड्रोन ऑपरेटरों की मदद ली जाती थी, लेकिन अब यह जिम्मेदारी संबंधित विभाग को सौंप दी गई है।
ड्रोन से मिलने वाली तस्वीरों के आधार पर यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी क्षेत्र में किस तरह के भवन बने हैं, कितनी जमीन खाली है और निर्माण की स्थिति क्या है। इस जानकारी को व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।
5 सेंटीमीटर तक की स्पष्ट तस्वीरें लेगा ड्रोन
इस परियोजना की खास बात यह है कि ड्रोन करीब 5 सेंटीमीटर की दूरी से भवनों की स्पष्ट तस्वीरें लेने में सक्षम होगा। इन तस्वीरों की मदद से संबंधित क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। ड्रोन से ली गई तस्वीरों को सॉफ्टवेयर की सहायता से प्रोसेस किया जाएगा, ताकि जमीन और भवनों की स्थिति का आकलन किया जा सके।
योजना के तहत तैयार की जाने वाली तस्वीरों और डिजिटल रिकॉर्ड से अधिकारियों को यह समझने में आसानी होगी कि किसी स्थान पर भवन बना हुआ है या जमीन खाली है। इससे शहरी नियोजन और विकास से जुड़े कार्यों में मदद मिलने की उम्मीद है।
भवनों की ऊंचाई और निर्माण की जानकारी भी मिलेगी
ड्रोन से प्राप्त तस्वीरों के आधार पर भवनों की ऊंचाई और अन्य विवरण दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में सैटेलाइट, इंजीनियर और संबंधित विशेषज्ञों की सहायता से इन आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। इस प्रक्रिया से क्षेत्र में हुए निर्माण और जमीन के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकेगी।
हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के रिकॉर्ड में इन जानकारियों को शामिल करने की योजना है। इससे अधिकारियों को किसी क्षेत्र में मौजूद भवनों और खाली प्लॉट की स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग करेगा निगरानी
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के डीजी डॉ. जे. गणेशन ने बताया कि इस योजना के तहत सभी भवनों का डेटा तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर संबंधित क्षेत्रों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध कराने की योजना है।
ड्रोन सर्वे से जुटाए गए आंकड़ों का इस्तेमाल आगे चलकर शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को तैयार करने में किया जा सकता है। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से अधिकारियों के लिए जमीन और भवनों से संबंधित जानकारी प्राप्त करना आसान होगा।
भविष्य की योजनाओं में भी मिलेगा फायदा
ड्रोन सर्वे से प्राप्त जानकारी भविष्य में टाउन प्लानिंग और शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए उपयोगी हो सकती है। इससे संबंधित विभागों को मौजूदा निर्माण, खाली जमीन और भवनों की स्थिति समझने में सहायता मिलेगी। साथ ही, डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर योजनाओं की तैयारी और निगरानी की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
फिलहाल यह परियोजना पायलट चरण में करनाल और पानीपत में शुरू की गई है। इसके परिणामों और आगे की योजना के आधार पर भविष्य में इसका दायरा बढ़ाए जाने की संभावना है। हालांकि, राज्य के अन्य क्षेत्रों में इसे कब तक लागू किया जाएगा, इसकी विस्तृत समयसीमा रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में ड्रोन तकनीक के जरिए जमीन और भवनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की यह पहल शहरी नियोजन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

