CM नायब सिंह सैनी के निर्देश: 14,297 स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता जांची जाएगी, शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर जोर
Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के करीब 700 कंडम घोषित स्कूल भवनों का निर्माण एक साल के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही 719 सरकारी विद्यालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) लैब स्थापित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्कूलों में भवन निर्माण की गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
700 स्कूलों के नए भवन एक साल में बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में करीब 700 कंडम घोषित स्कूल भवनों के निर्माण का काम तय समय सीमा में पूरा किया जाए। भवन निर्माण में गुणवत्ता के साथ आधुनिक डिजाइन, प्राकृतिक वेंटिलेशन और सोलर सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है।
स्कूल भवनों का सुरक्षित होना विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए बेहद जरूरी है। पुराने या जर्जर भवनों की जगह नए भवन बनने से स्कूलों में पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय में काम पूरा कराने के निर्देश दिए।
719 स्कूलों में स्थापित होंगी ICT लैब
सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 719 विद्यालयों में ICT लैब स्थापित करने की योजना पर भी काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन विद्यालयों में कम से कम 10 कंप्यूटर वाली लैब स्थापित की जाएं।
ICT लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक की जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे पढ़ाई में तकनीक का उपयोग बढ़ेगा और विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद मिल सकती है।
सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी डिजिटल शिक्षा की सुविधाओं का लाभ उठा सकें। इसके लिए लैब की स्थापना के साथ आवश्यक उपकरण और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा।
14,297 स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 14,297 सरकारी स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता जांचने के निर्देश भी दिए हैं। स्कूलों में स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध होना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसलिए संबंधित विभागों को पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया है।
बैठक में स्कूलों में जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। सरकार का जोर है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित वातावरण मिले।
शिक्षकों के रिक्त पद भरने और जरूरी सामग्री पर जोर
स्कूल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के रिक्त पद भरने और विद्यालयों में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। शिक्षकों की पर्याप्त संख्या होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका कम होगी और कक्षाओं का संचालन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
बैठक में शिक्षा विभाग के कार्यों और स्कूलों में चल रहे सुधारों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए और कामकाज में देरी से बचा जाए।
स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल की शुरुआत
शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल की लॉन्चिंग भी की। इस पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवक शिक्षकों के पंजीकरण की व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का फोकस स्कूलों के नए भवन बनाने, डिजिटल शिक्षा का विस्तार करने, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और शिक्षकों की कमी दूर करने पर है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित निगरानी अहम होगी।

