हरियाणा में टॉप पदों पर बड़े बदलाव की तैयारी, केंद्र से लौट सकते हैं 4 IAS अधिकारी
Yuva Haryana: हरियाणा में शीर्ष प्रशासनिक पदों पर जल्द बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय से लेकर मुख्य सचिवालय तक वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती को लेकर मंथन चल रहा है। राज्य सरकार ने केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हरियाणा कैडर के चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को वापस बुलाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। यह पहल ऐसे समय में हुई है, जब प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की कमी है और कई वरिष्ठ अफसर आने वाले महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
केंद्र से इन चार IAS अधिकारियों को बुलाने की मांग
हरियाणा सरकार ने जिन अधिकारियों की वापसी का अनुरोध किया है, उनमें वी. उमाशंकर, डॉ. राकेश गुप्ता, नितिन कुमार यादव और विकास गुप्ता शामिल हैं। ये चारों अधिकारी अलग-अलग केंद्रीय विभागों और संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
- वी. उमाशंकर (1993 बैच): केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव हैं। वह हरियाणा में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
- डॉ. राकेश गुप्ता (1997 बैच): राष्ट्रपति सचिवालय में तैनात हैं। हरियाणा में वह मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव रह चुके हैं और शिक्षा सुधार तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं।
- नितिन कुमार यादव (2000 बैच): केंद्र के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं। वह चंडीगढ़ प्रशासन में गृह सचिव भी रह चुके हैं।
- विकास गुप्ता (2001 बैच): केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त हैं। हरियाणा में वह परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और शहरी स्थानीय निकाय विभाग में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं।
केंद्र से इन अधिकारियों की वापसी अभी सुनिश्चित नहीं है। राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र की मंजूरी और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उनकी तैनाती को लेकर तस्वीर स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद पर भी नजर
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव का पद अरुण कुमार गुप्ता के 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद से खाली बताया गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय में नई नियुक्ति की जरूरत है। प्रशासनिक हलकों में डॉ. राकेश गुप्ता और नितिन कुमार यादव के नाम संभावित विकल्पों के तौर पर चर्चा में हैं।
हालांकि, इनमें से किसी अधिकारी को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम फैसला राज्य सरकार की जरूरतों और अधिकारियों की उपलब्धता के आधार पर होगा।
अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल 31 दिसंबर को होगा पूरा
हरियाणा के मौजूदा मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का विस्तारित कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को पूरा होने वाला है। ऐसे में उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। वी. उमाशंकर का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, क्योंकि वह राज्य में पहले भी वरिष्ठ प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
फिलहाल, उन्हें अगला मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी नियुक्ति को अंतिम मानने से पहले सरकार के आधिकारिक आदेश का इंतजार करना जरूरी है।
हरियाणा में 47 IAS अधिकारियों की कमी
राज्य में अधिकारियों की कमी इस कवायद की प्रमुख वजह बताई जा रही है। हरियाणा में आईएएस अधिकारियों के 226 पद स्वीकृत हैं, जबकि प्रदेश में 179 अधिकारी ही तैनात हैं। यानी स्वीकृत संख्या के मुकाबले 47 अधिकारियों की कमी है। इसके अलावा राज्य की वरिष्ठता सूची के शीर्ष 20 अधिकारियों में से 10 केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर बताए गए हैं।
ऐसे में चार अनुभवी अधिकारियों की वापसी से वरिष्ठ स्तर पर जिम्मेदारियां बांटने के विकल्प बढ़ सकते हैं। इसका असर मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय और विभिन्न विभागों की तैनाती पर पड़ सकता है।
आने वाले महीनों में कई अधिकारी होंगे सेवानिवृत्त
हरियाणा में वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति भी प्रशासनिक योजना को प्रभावित कर रही है। फरीदाबाद मंडल के आयुक्त संजय जून 31 अक्टूबर को, जबकि सुधीर राजपाल 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल 31 दिसंबर को पूरा होगा। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की सेवानिवृत्ति 31 जनवरी 2027 को निर्धारित है।
इन संभावित रिक्तियों के बीच राज्य सरकार के सामने अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता बनाए रखने और महत्वपूर्ण पदों पर समय से नियुक्तियां करने की चुनौती है। अब सबकी नजर केंद्र से चार आईएएस अधिकारियों की वापसी और मुख्यमंत्री कार्यालय व मुख्य सचिव पद पर होने वाले अगले फैसलों पर रहेगी।

