हरियाणा में कब होगी जनगणना और सरकार की क्या है तैयारियां ? पढ़िए पूरी जानकारी

Yuva Haryana : भारत में हर दस साल के बाद जनगणना कराई जाती है। पिछली जनगणना साल 2011 में दो चरणों में की गई थी।
ऐसे में अगली जनगणना साल 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था और अब ये करीब छह साल की देरी से साल 2027 में होने जा रही है।
दरअसल, इसी जून माह में केंद्र सरकार ने जाति गणना के साथ-साथ जनगणना को लेकर अधिसूचना जारी कर की थी, जो कि अगले साल दो चरणों में होगी।
जनगणना को लेकर हरियाणा सरकार की तैयारियां जोरों पर चल रही है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा घोषणा की गई है कि आगामी जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल मोड में आयोजित की जाएगी। यह कदम जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है।
गणनाकार और पर्यवेक्षक मोबाइल ऐप्स के माध्यम से डिजिटल रूप से डेटा एकत्र करेंगे और इसे सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपलोड किया जाएगा। जनगणना के मोबाइल एप्लिकेशन, पोर्टल और अन्य डिजिटल टूल्स एंड्राइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे और इन्हें हिंदी, अंग्रेजी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में विकसित किया जा रहा है।
जनगणना से जुड़े अधिकारियों की नियुक्ति तुरंत शुरू करने के लिए विभाग ने सभी मंडल आयुक्तों को मंडल जनगणना अधिकारी, सभी उपायुक्त, जिला मजिस्ट्रेट को प्रधान जनगणना अधिकारी नियुक्त किया है, जो अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
इसके अलावा अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ उप कलेक्टरों को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह प्रशासनिक ढांचा उप-मंडल और ब्लॉक स्तर तक विस्तारित किया गया है, ताकि प्रत्येक ग्रामीण क्लस्टर और तहसील में समुचित कवरेज सुनिश्चित किया जा सके।
उपमंडल स्तर पर उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM), उप-मंडल जनगणना अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। नीचे के स्तर पर तहसीलदार, ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) एवं समकक्ष अधिकारी चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
वहीं नायब तहसीलदार अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी होंगे। योजना, सांख्यिकी, सूचना प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा जैसे प्रमुख विभागों के अधिकारियों को अतिरिक्त, उप जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनका मुख्य दायित्व फील्ड कार्य के दौरान तकनीकी सहायता, डेटा सत्यापन तथा लॉजिस्टिक समन्वय प्रदान करना होगा।
सरकार ने उन क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोटोकॉल स्थापित किया है जो पूरी तरह सैन्य, अर्धसैनिक और अन्य रक्षा संगठनों (जैसे रक्षा सेवाएं, CRPF, BSF आदि) के नियंत्रण में हैं। इन विशिष्ट क्षेत्रों के लिए विशेष चार्ज अधिकारी का निर्धारण डायरेक्टर ऑफ सेंसस ऑपरेशंस (DCO) द्वारा संबंधित प्राधिकरणों से परामर्श कर किया जाएगा।
कैन्टोनमेंट बोर्ड क्षेत्रों को सांविधिक नगरों के समान माना जाएगा, जबकि विशेष रक्षा, अर्धसैनिक क्षेत्र उनसे पृथक होंगे। जिलाधीश एवं नगर निगम आयुक्त इन विशेष क्षेत्रों की पहचान करेंगे, सूची डीसीओ को भेजेंगे और जनसंख्या गणना (फेज-II) के संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे।
आगामी जनगणना डिजिटल प्रशासन की ओर एक बड़े परिवर्तन के रूप में पहचानी जा रही है, जिसमें रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और सुरक्षित डेटा संग्रह मुख्य केंद्र में है। सभी नियुक्त अधिकारियों को जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इस पंजीकरण में मोबाइल नंबर, ईमेल पता, कार्यालय का स्थान और पहचान दस्तावेजों जैसी अनिवार्य जानकारी शामिल होगी, जिससे पूरे राज्य में सुरक्षित और पेपरलेस संचालन सुनिश्चित होगा।
इन तकनीकी तैयारियों के साथ हरियाणा सरकार की व्यापक जन जागरूकता अभियानों और डिजिटल एन्यूमरेशन के लिए नए मोबाइल एप्लिकेशन के लॉन्च की भी योजना है।
First published on: November 29, 2025 02:06 PM