हरियाणा में 4 साल बाद टीचरों के ट्रांसफर का खुला रास्ता, जारी हुई नई तबादला नीति की खास बातें जानें

Yuva Haryana : लंबे इंतजार के बाद हरियाणा सरकार ने नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी जारी कर दी है। लगभग चार साल बाद अब शिक्षकों के तबादलों का रास्ता खुल गया है।
जल्द ही टीचर ट्रांसफर पॉलिसी के संबंध में शेड्यूल जारी होगा और फिर 8 दिसंबर से ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
आपको बता दें कि प्रदेश में आखिरी बार साल 2022 में शिक्षकों के ट्रांसफर हुए थे। अब सरकार ने साल 2023 की तबादला नीति को रद्द कर दिया है और अब 2025 की नई नीति के तहत ही सरकार साल 2026 में शिक्षकों के ट्रांसफर करने जा रही है।
हरियाणा सरकार ने शिक्षक तबादला नीति 2025 में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब साल में एक बार ही ट्रांसफर ड्राइव चलेगी। हालांकि, विशेष परिस्थिति में प्रशासनिक सचिव की ओर से सीएम की मंजूरी के बाद ही ट्रांसफर हो पाएगा।
नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी की खास बातें
- पिछड़े क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों को 10 प्रतिशत और अतिथि शिक्षकों को 10 हजार रुपये अतिरिक्त वेतन
- नई नीति में उम्र को वरीयता
- अब शिक्षक सीधे अपनी पसंद के स्कूल चुन सकेंगे
- पति-पत्नी के मामले में अतिरिक्त अंकों का प्रावधान खत्म
हरियाणा सरकार ने शिक्षकों के तबादलों के नियम बदलते हुए नई तबादला नीति के तहत राज्य में तीन विशेष जगहों पर तैनाती वाले शिक्षकों को 10 फीसदी अतिरिक्त वेतन देने का फैसला लिया है।
नई पॉलिसी के तहत दूरदराज के इलाकों में पोस्टिंग पाने वाले शिक्षकों को उनके मूल वेतन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी और हर महीने 10 हजार रुपये का विशेष भत्ता मिलेगा।
इसमें मोरनी, हथीन और नूंह जैसे पिछड़े इलाकों में तैनात शिक्षकों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्रदान करना है।
इस पालिसी से जोन सिस्टम को खत्म किया गया और 80 अंकों की मेरिट प्रणाली लागू की गई है। वहीं पति-पत्नी को एक साथ ट्रांसफर का लाभ नहीं मिलेगा, यानी दोनों में से सिर्फ एक साथी को ही इसका लाभ मिल पाएगा।
अब शिक्षक राज्य में किसी भी स्कूल को अपनी पोस्टिंग के लिए चुन सकेंगे।
नई शिक्षक तबादला नीति में उम्र को सबसे अधिक वरीयता दी गई है। तबादले के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों की मेरिट 80 नंबरों की बनेगी। इसमें अकेले 60 अंक उम्र के हैं, यानी जिन शिक्षकों की अधिक उम्र है, उन्हें अधिक नंबर मिलेंगे।
इसके बाद महिला, महिला मुखिया परिवार, विधुर, विधवा, दिव्यांग, गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षक और बेहतर रिजल्ट वाले शिक्षकों को अधिकतम 20 नंबर मिलेंगे।
वहीं जिन शिक्षकों पर मुकदमे दर्ज हैं या जिनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल है, उनके तबादलों के लिए आवेदन करने पर उनके 10 नंबर काटे जाएंगे।
आपको यह भी बता दें कि हरियाणा में पिछले नौ साल में तीसरी बार शिक्षकों की ऑनलाइन तबादला नीति में बदलाव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चार नवंबर को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस बदलाव के ड्राफ्ट को मंजूर किया गया था, जिसके बाद अब शिक्षा विभाग ने संशोधित तबादला नीति की अधिसूचना जारी की है।
हरियाणा में पहली बार 2016 में वार्षिक तबादलों के लिए टीचर पॉलिसी को लागू किया गया था, जिसके तहत साल 2016, 2017, 2019 और 2022 में तबादले हुए।
First published on: December 01, 2025 01:58 PM