Yuva Haryana : हरियाणा में धान की कटाई शुरू होते ही पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए हरियाणा सरकार ने कमर कस ली हैं। इस बार प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए 8200 अधिकारियों की तैनाती की गई है।
सरकार की ओर से एक अधिकारी को करीब 100 किसानों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
7500 अधिकारियों की नियुक्ति
धान की कटाई के सीजन को देखते हुए सरकार ने करीब 7500 अधिकारियों की नियुक्तियां हो चुकी है। प्रत्येक अधिकारी को लगभग 100 किसानों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि पराली प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक किया जा सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार तक 7500 से ज्यादा नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा चुके हैं। ये अधिकारी करीब 5.58 लाख किसानों और 5600 गांवों को कवर कर रहे हैं। बाकी अधिकारियों की नियुक्ति 20 सितंबर से पहले कर दी जाएगी।
ड्रोन से होगी निगरानी
इस बार पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ड्रोन से निगरानी दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे तक की जाएगी। ड्रोन से खेत में लगी आग, धुएं और जले हुए क्षेत्र की पहचान की जा सकेगी। ड्रोन से मिले विडियो और अन्य प्रमाण के आधार पर संबंधित खेत और किसान की पहचान कर कार्रवाई में मदद मिलेगी।
पराली जलाने पर 30 हजार रुपये तक जुर्माना
पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। पराली जलाने पर 5000 रुपये से 30,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संबंधित किसान की कृषि भूमि के रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी की जा सकती है। रेड एंट्री होने के बाद किसान तीन साल तक एमएसपी पर अपनी फसल नहीं बेच सकेगा।
24 मंडियों में लगेगी कन्वेयर बेल्ट मशीनें
हरियाणा में धान उठान में तेजी लाने और पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए 24 मंडियों में कन्वेयर बेल्ट मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों से धान के अवशेषों को संभालने में मदद मिलेगी।



