हरियाणा में खिलाड़ियों की मौत पर सियासत, किसने क्या कहा और परिजनों की क्या मांग ? पढ़िए पूरी अपडेट
हरियाणा के खेल मंत्री ने भगवंत मान पर लगाया राजनीति करने का आरोप

Yuva Haryana : हरियाणा में रोहतक और बहादुरगढ़ में दो बास्केटबॉल प्लेयर्स की पोल गिरने से हुई मौत के मामले में जहां खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे है तो वहीं इस मामले में अब सियासत भी गरमाई हुई है।
इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जहां कई बड़े सवाल खड़े किए हैं, तो वहीं हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने भगवंत मान पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। इस बीच, सीएम नायब सैनी और हरियाणा के खेल मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठने लगी है।

दरअसल, वीरवार को भगवंत मान रोहतक जिले के गांव लाखनमाजरा में राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने लाखनमाजरा में उस खेल मैदान का भी जायजा लिया, जहां जर्जर पोल के नीचे दबने से खिलाड़ी की मौत हुई थी।
इस दौरान मान ने कहा कि खेल मैदान से खिलाड़ी का शव निकलेगा तो कौन अपने बच्चे को खेलने भेजेगा। भगवंत मान ने कहा कि खेल मैदान से उनका बच्चा लौटेगा या नहीं, परिजनों को यह डर नहीं होना चाहिए और इसके लिए व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने असुरक्षित खेल सुविधाओं व मैदानों की निष्पक्ष जांच करवाने की भी मांग उठाई।
पंजाब के सीएम ने कहा कि हरियाणा में तीन दिन में दो राष्ट्रीय खिलाड़ियों की मैदान में मौत हो गई। क्या हरियाणा सरकार की यही खेल नीति है ? गर्व से भाजपा सरकार अपनी खेल नीति का बखान करती है। मान ने यह भी कहा कि वे यहां राजनीति करने नहीं करने आए है बल्कि खेल मंत्री और खेल प्रेमी होने के नाते खिलाड़ी के शोकाकुल परिवार से मिलने आए है।

मान ने पीएम मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री से भी इस घटना पर संज्ञान लेने की मांग की। पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य सरकार के समक्ष कई मांगें रखी।
मान की मांगें
- हार्दिक राठी के परिवार को सरकारी नौकरी मिले
- परिवार को उचित आर्थिक सहायता मिले
- गांव में हार्दिक राठी के नाम से खेल स्टेडियम बने
- स्टेडियमों की जांच कर मजबूत ढांचा विकसित हो
उधर, हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने पंजाब के सीएम को इस हादसे पर राजनीति न करने की सलाह दी है। गौरव गौतम ने कहा कि भगवंत मान को इस प्रकार के बयान देने की बजाए पंजाब के युवाओं के बारे में सोचना चाहिए, वहां पर नशा गहरी जड़ें जमा चुका है, आए दिन कोई न कोई युवा मौत का शिकार हो रहा है।

हरियाणा के खेल मंत्री ने भगवंत मान को अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत देते हुए कहा कि पंजाब में जो नशे के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं उन पर भी हमले हो रहे है। वहां के फुटबाल और फैंसिंग के विश्व चैंपियन खिलाड़ी चाय की दुकान चलाने को मजबूर हैं, उनके प्रदेश में खिलाड़ियों को खेल कोटा निर्धारित होने के बाद भी कोई फायदा नहीं मिल रहा जबकि हरियाणा सरकार ने अपने खिलाड़ियों के लिए अद्भुत खेल नीति बनाई है।
वहीं हरियाणा के खेल मंत्री ने हार्दिक राठी के गांव में पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और पीड़ित परिजनों के प्रति गहरी संवेदना। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि वह एक होनहार युवा था, उसमें देश का नाम रोशन करने की ललक थी। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने इस दुखद हादसे की जानकारी मिलते ही तुरंत पीड़ित परिवार को पांच-पांच लाख रूपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा कर दी थी।
उधर, खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार का कहना है कि मदद वाली राशि से सरकार बेटे हार्दिक के नाम से इंडोर स्टेडियम बनावाए। अगर पहले मैदान में नया पोल लग जाता तो हार्दिक की जान नहीं जाती। मदद के पैसे से उनका बेटा वापस नहीं आएगा। सरकार इस राशि से इंडोर स्टेडियम बनाए ताकि बच्चे सर्दी, गर्मी और बारिश में खेल की तैयारी कर सके।
वहीं इंटरनेशनल पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने दोनों खिलाड़ियों की मौत पर कहा कि क्या यह सही है? देश के लिए पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों की जान इतनी सस्ती कैसे हो सकती है ? मुख्यमंत्री और खेल मंत्री को पद पर बने रहने का कोई हक नहीं बचा। इसकी जिम्मेदारी उन्हीं की है और उनका इस्तीफा देना चाहिए।
इस मामले में इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि इससे बड़ा हरियाणा प्रदेश का दुर्भाग्य और क्या होगा कि पंजाब का सीएम रोहतक में मृतक बास्केटबॉल खिलाड़ी को श्रद्धांजलि दे रहा था, वहीं हरियाणा का मुख्यमंत्री टेस्ला कार के शोरूम पर जाकर कर टेस्ला कंपनी का प्रचार रहा था। क्या टेस्ला कंपनी ने उनकी कार का प्रचार करने का पैसा मुख्यमंत्री को दिया है? जो किसी प्रोडक्ट के प्रचार का काम सेलेब्रिटी पैसे लेकर करते हैं वो एक मुख्यमंत्री का काम नहीं है। चौटाला ने कहा कि सीएम सैनी द्वारा मृतक खिलाडिय़ों की अनदेखी करना, खिलाडिय़ों के परिवारों की सरासर बेइज्जती करना है।
First published on: November 28, 2025 01:20 PM