By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Yuva HaryanaYuva HaryanaYuva Haryana
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • आज की ताजा खबर
  • हरियाणा न्यूज़
  • हरियाणा सरकार
  • भारत
  • स्वास्थ्य एवं जीवनशैली
  • खेल खिलाड़ी
  • राजनीति
  • सोशल-वायरल
  • कृषि
  • धर्म
  • अन्य
  • अंतरराष्ट्रीय समाचार
  • मनोरंजन
Reading: इस बार हरियाणा में कितनी जली पराली और कितने किसानों पर हुई FIR ? पढ़िए
Share
Font ResizerAa
Yuva HaryanaYuva Haryana
Search
  • Home
  • आज की ताजा खबर
  • हरियाणा न्यूज़
  • हरियाणा सरकार
  • भारत
  • स्वास्थ्य एवं जीवनशैली
  • खेल खिलाड़ी
  • राजनीति
  • सोशल-वायरल
  • कृषि
  • धर्म
  • अन्य
  • अंतरराष्ट्रीय समाचार
  • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
आज की ताजा खबरकृषियोजनाहरियाणा न्यूज़हरियाणा सरकारहरियाणा सरकार

इस बार हरियाणा में कितनी जली पराली और कितने किसानों पर हुई FIR ? पढ़िए

Yuva Haryana
Last updated: November 8, 2025 11:43 am
Yuva Haryana
Published: November 8, 2025
Share
SHARE

Yuva Haryana : हर बार इस समय प्रदूषण बढ़ने के चलते पराली जलाने का मुद्दा खासा गरमाया रहता है और हरियाणा व पंजाब के किसानों पर पराली जलाने के कारण प्रदूषण बढ़ने का आरोप लगाया जाता है।

ऐसे में हरियाणा सरकार ने एक बड़ा दावा किया है। सरकार के अनुसार इस बार प्रदेश में पराली जलाने के मामलों पर पूरा कंट्रोल रखा गया और इसके चलते इसमें 77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

साथ ही सरकार ने दावा किया है कि हरियाणा अगले दो साल में पराली जलाने की समस्या को जड़ से खत्म कर देगा। सरकारी आंकड़े के अनुसार 6 नवम्बर 2025 तक राज्य में पराली जलाने की 206 घटनाएं दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल 2024 में इसी अवधि में यह संख्या 888 थी।

हरियाणा के शहरी निकायों के वार्डों से निर्वाचित होने वाले जन-प्रतिनिधि पार्षद (कोंसलर) नहीं, बल्कि सदस्य कहलाएंगे

पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने के लिए खास तौर पर करनाल और कुरुक्षेत्र जिले की सराहना हुई है।

आपको बता दें कि हरियाणा में पराली जलाने के मामलों पर कंट्रोल करने के लिए 10 हजार से ज्यादा नोडल अधिकारी तैनात किए गए है और हरसेक की सैटेलाइट निगरानी से वास्तविक समय में पराली जलाने की घटनाओं का पता लगाया जाता है। प्रत्येक सत्यापित घटना में एफआईआर दर्ज की जा रही है और पर्यावरण मुआवजा भी लगाया जा रहा है।

अब तक 87 मामलों में 4.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से 3.20 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। इसके अलावा, 87 किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है। जनवरी से अक्टूबर, 2025 के बीच एनसीआर क्षेत्र में वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट न होने के कारण 3,25,989 वाहनों के चालान जारी किए गए हैं।

हरियाणा में सबसे अमीर IPS कौन ? इन अधिकारियों के पास इतनी संपत्ति, पढ़ें

इस वर्ष दर्ज कचरा जलाने की 169 घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में 86 सीसीटीवी कैमरों से डंप साइट्स की निगरानी की जा रही है ताकि आग की किसी भी घटना पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।

पराली का सदुपयोग करने के लिए सरकार की योजनाएं

  • हरियाणा ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए त्रि-आयामी रणनीति अपनाई है, जिसमें पराली का इन-सिटू, एक्स-सिटू और पशु चारे के रूप में उपयोग शामिल है। राज्य के कुल 39.31 लाख एकड़ धान क्षेत्र में से 44.40 लाख टन अवशेष इन-सिटू, 19.10 लाख टन एक्स-सिटू, और 22 लाख टन चारे के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
  • अब तक 19,670 एकड़ क्षेत्र का धान से फसल विविधीकरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 1,74,064 एकड़ क्षेत्र में डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस तकनीक अपनाई गई है, जिससे पानी की बचत और पराली उत्पादन में कमी आई है।
  • राज्य सरकार ने इन-सिटू और एक्स-सिटू प्रबंधन के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़, फसल विविधीकरण के लिए 8000 रुपये प्रति एकड़ और डीएसआर के लिए 4,500 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जा रही है।
  • इन योजनाओं के लिए कुल 471 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को बायो-डीकम्पोजर पाउडर मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा दो लाख एकड़ क्षेत्र में यह परियोजना लागू की जा रही है।
  • चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 94 करोड़ रुपये की लागत से 7,700 से अधिक नई मशीनें स्वीकृत की गई हैं। इस योजना पर इस वर्ष कुल 250.75 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार का अंशदान 150.45 करोड़ रुपये और राज्य का 100.30 करोड़ रुपये है।
  • राज्य में इस समय 8.17 लाख टन क्षमता के 31 पेलेटाइजेशन, ब्रीकेटिंग संयंत्र, 111.9 मेगावाट क्षमता के 11 बायोमास पावर प्लांट, एक 2जी इथेनॉल संयंत्र, 2 सीबीजी प्लांट और 5 थर्मल पावर प्लांट संचालित हैं, जो संयुक्त रूप से 16.64 लाख टन धान के पराली का उपयोग कर रहे हैं।
  • गैर-एनसीआर जिलों में ईंट भट्ठों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 2025 तक 20 प्रतिशत और 2028 तक 50 प्रतिशत तक पराली आधारित पेलेट्स का उपयोग करें।

भारत में हुआ AI समिट, हरियाणा के इन चार विभागों में एआई की शुरुआत करने पर जोर

You Might Also Like

हरियाणा में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, कई जिलों में ED की छापेमारी
हरियाणा में आयकर विभाग की बड़ी रेड, तीन दिन तक चली गुपचुप जांच, जानें पूरा मामला
हरियाणा में गेहूं की फसल पर मौसम की मेहरबानी, बंपर पैदावार होने की उम्मीद
किसानों पर कर्ज का बोझ, देशभर में टॉप पर ये पांच राज्य, पढ़ें ताजा आंकड़े
अभय चौटाला का बड़ा आरोप, “हरियाणा की BJP सरकार में कई सालों से चल रहा धान घोटाला”
TAGGED:and how many farmers were booked?How much stubble was burnt in Haryana this timeइस बार हरियाणा में कितनी जली पराली और कितने किसानों पर हुई FIR ? पढ़िए
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a ReplyCancel reply

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
[mc4wp_form]
Popular News
हरियाणा न्यूज़राजनीति

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया हरियाणा में भाजपा की तीसरी बार हुई जीत का मंत्र, कही यह बात

Yuva Haryana
Yuva Haryana
October 18, 2025
करनाल रोडवेज बस हादसे के बाद सरकार की सख्ती, हादसे की जांच के साथ धुंध में गाड़ी धीरे चलाने के आदेश
दक्षिण हरियाणा के लिए अच्छी खबर, इस बड़े प्रोजेक्ट को मिली केंद्र से मंजूरी
हरियाणा में 190 दिन बाद सुलझा इस मेडिकल कॉलेज के नामकरण का विवाद, कैसे बनी बात ? पढ़ें
हरियाणा के बड़े गांवों के लिए अच्छी खबर, इन जिलों के इतने गांवों में सरकार बनाएगी स्मार्ट गलियां
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

Confirmed

0

Death

0

More Information:Covid-19 Statistics
© Yuva Haryana. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?