Yuva Haryana: प्रदेश में रबी सीजन की तैयारियों के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अक्टूबर माह में ही हरियाणा को करीब 7.50 लाख मीट्रिक टन (MT) खाद उपलब्ध कराई जाएगी। दिल्ली स्थित फर्टिलाइजर्स डिपार्टमेंट (Department of Fertilizers) ने राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न खाद निर्माता कंपनियों को मांग भेज दी है।
इस कदम से सरसों की बिजाई और गेहूं की बुवाई के दौरान किसानों को खाद की कमी या किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
खाद आपूर्ति का मुख्य विवरण (आंकड़े)
इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) द्वारा प्रदेश में आपूर्ति की जाने वाली कुल खाद:
- डीएपी (DAP): 1.50 लाख MT
- यूरिया (Urea): 3.50 लाख MT
- एनपीके व एसएसपी (NPK & SSP): 40 हजार MT
- एमओपी (MOP): 10,650 MT
झज्जर के लिए पहुंची डीएपी की बड़ी खेप
खाद आपूर्ति की इस श्रृंखला में झज्जर के किसानों के लिए विशेष राहत की खबर है। आज झज्जर में आईपीएल (IPL) की ओर से 2,600 मीट्रिक टन डीएपी की रैक पहुंच गई है। रैक पहुंचने के बाद तय मात्रा के अनुसार आसपास के जिलों में खाद भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अधिकारी का बयान:
“रबी सीजन में खाद की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र और प्रदेश स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। खासकर सरसों की बिजाई के साथ गेहूं की बुवाई शुरू होने पर डीएपी और यूरिया की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे में अक्टूबर की इस बड़ी खेप से किसानों को समय पर खाद मिलने की उम्मीद है। खाद की आपूर्ति मांग के अनुसार जिलों तक पहुंचाई जाएगी ताकि किसानों को बाजार में भटकना न पड़े और फसलों की बिजाई प्रभावित न हो।”
— दीपक शर्मा, सहायक प्रबंधक, आईपीएल

