हरियाणा में धान खरीद 50 लाख टन के पार जाने की उम्मीद, अब तक 43.35 लाख टन की आवक
Yuva Haryana: हरियाणा में खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के दौरान धान की खरीद लगातार जारी है। प्रदेश की मंडियों में धान की आवक 43.35 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। वहीं, सरकारी एजेंसियां अब तक 38.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर चुकी हैं। 31 अक्टूबर 2026 की सुबह 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, खरीदे गए धान में से 30.93 लाख मीट्रिक टन का उठान भी किया जा चुका है। इस सीजन में केंद्र सरकार ने हरियाणा के लिए 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए खरीद का आंकड़ा जल्द ही 50 लाख टन के पार पहुंचने की संभावना है।
खरीद लक्ष्य का 75 प्रतिशत धान मंडियों में पहुंचा
प्रदेश में अब तक हुई 43.35 लाख मीट्रिक टन धान की आवक केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित 58 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का लगभग 75 प्रतिशत है। सरकारी एजेंसियों ने कुल आवक में से 38.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। इस तरह कुल आवक का करीब 88 प्रतिशत हिस्सा सरकारी खरीद के दायरे में आ चुका है।
खरीदे गए धान में से 30.93 लाख मीट्रिक टन का उठान हो चुका है। यह कुल सरकारी खरीद का लगभग 81 प्रतिशत है। हालांकि, अभी करीब 7.11 लाख मीट्रिक टन खरीदा गया धान मंडियों से उठाया जाना बाकी है। उठान की गति बनाए रखना इसलिए जरूरी है, ताकि मंडियों में जगह की कमी न हो और किसानों को अपनी फसल लेकर आने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
2.61 लाख से ज्यादा किसानों को मिला लाभ
धान खरीद प्रक्रिया के तहत अब तक 2,61,952 किसानों को लाभ मिला है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के रूप में किसानों को करीब 6,786 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। किसानों के लिए खरीद के साथ-साथ समय पर भुगतान भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी राशि से उन्हें अगली फसल की तैयारी और खेती से जुड़े दूसरे खर्च पूरे करने होते हैं।
हालांकि, मंडियों से धान का उठान धीमा रहने पर भुगतान में देरी की शिकायतें भी सामने आई हैं। उस समय प्रदेश में धान की आवक 41.3 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई थी, लेकिन खरीदे गए धान में से करीब 27.7 लाख मीट्रिक टन का ही उठान हो पाया था। रिपोर्ट में कुछ मंडियों में ट्रांसपोर्ट और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़ी दिक्कतों के कारण उठान प्रभावित होने की बात भी सामने आई थी।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने खरीदा सबसे ज्यादा धान
सरकारी एजेंसियों में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सबसे आगे है। विभाग ने अब तक 20.20 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है। यह उसके 23.20 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का लगभग 87 प्रतिशत है। विभाग ने खरीदे गए धान में से 16.84 लाख मीट्रिक टन का उठान भी कर लिया है।
वहीं, हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ (हैफेड) ने 23.20 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 11.63 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। यह लक्ष्य का करीब 50 प्रतिशत है। हैफेड की ओर से 9.56 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है।
हरियाणा राज्य भंडारण निगम (HSWC) ने 11.60 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 6.21 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। यह करीब 54 प्रतिशत है। निगम ने 4.53 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया है। तीनों एजेंसियों की कुल खरीद 38.04 लाख मीट्रिक टन और कुल उठान 30.93 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया है।
निजी व्यापारियों ने भी खरीदा 51,955 टन धान
सरकारी एजेंसियों के अलावा निजी व्यापारियों ने भी मंडियों में धान की खरीद की है। अब तक निजी व्यापारियों की ओर से 51,955 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। निजी खरीद में औसत भाव 2,516 रुपये प्रति क्विंटल रहा। अलग-अलग सौदों में धान का भाव 2,461 रुपये से लेकर 2,965 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया।
15 नवंबर तक चलेगी खरीद प्रक्रिया
हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 15 नवंबर तक जारी रहने वाली है। ऐसे में आने वाले दिनों में मंडियों में धान की आवक और खरीद दोनों बढ़ सकती हैं। प्रदेश में खरीद का लक्ष्य पूरा करने के साथ मंडियों से उठान और किसानों को भुगतान समय पर करना भी प्रशासन के लिए अहम रहेगा।
किसानों को राहत देने के लिए खरीद एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को मंडियों में व्यवस्था बनाए रखने, खरीदे गए धान का समय पर उठान कराने और भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने पर ध्यान देना होगा।

