Yuva Haryana : अगर किसान भाईयों को अपनी खेती के जरिए अधिक मुनाफा कमाना है तो कृषि वैज्ञानिकों ने लहसुन की खेती की पैदावार की सलाह दी है। इससे आप कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते है।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक अब रबी की फसल की बुवाई का सही समय है। ऐसे में किसान लहसुन की खेती से गेहूं जैसी फसलों की तुलना में तीन से चार गुना ज्यादा फायदा उठा सकते है।
आपको बता दें कि लहसुन की मांग निरंतर बढ़ रही है, क्योंकि लहसुन की खेती देश में एक महत्वपूर्ण कृषि गतिविधि के रूप में उभर रही है। यह न केवल घरेलू मांग को पूरा करती है, बल्कि निर्यात में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में लहसुन की खेती विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में होती है।
लेकिन, इस खेती के लिए किसानों को यह जरूर ध्यान रखना पड़ेगा कि उन्हें फसल की उचित देखभाल, सही किस्म का चयन और आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा।
लहसुन की खेती के लिए हल्की दोमट या रेतीली मिट्टी उपयुक्त होती है, जिसमें जल निकासी अच्छी हो। यह फसल ठंडे मौसम में अच्छी होती है और चार से पांच महीनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। बीज के रूप में लहसुन की कलियां इस्तेमाल होती हैं, जिन्हें फसल के लिए खेत में लगाया जाता है।
लहसुन की खेती करने वाले किसानों को यह भी ध्यान रखना होगा कि खेत की अच्छी तरह जुताई कर समतल करना, स्वस्थ और बड़े लहसुन के दानों का चयन, कलियां 10-15 सेंटीमीटर की दूरी पर और 5 सेंटीमीटर गहरी हो, शुरुआत में हल्की सिंचाई और बाद में नियमित अंतराल पर पानी देना, गोबर की खाद और नाइट्रोजन युक्त उर्वरक देना और पत्ते सड़ी, फफूंदी आदि रोगों से बचाने के लिए उचित कीटनाशकों उपयोग करना आदि।



