Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए चलाई जा रही ‘लाडो लक्ष्मी’ योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सरकार की ओर से दी जाने वाली 2100 रुपये की मासिक सहायता राशि को अब दो हिस्सों में बांट दिया गया है।
संशोधित व्यवस्था के तहत अब लाभार्थी महिला के बैंक खाते में हर महीने 1100 रुपये नकद जमा किए जाएंगे, जबकि शेष 1000 रुपये महिला के नाम पर आरडी (आवर्ती जमा) या एफडी (सावधि जमा) के रूप में जमा होंगे। यह जमा राशि ब्याज सहित तय अवधि पूरी होने पर मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 5 साल होगी। ‘सेवा’ विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह नया नियम तत्काल प्रभाव से पूरे हरियाणा में लागू कर दिया गया है।
पात्रता के नए रास्ते खुले (विशेष श्रेणियां)
प्रदेश सरकार ने योजना के दायरे को बढ़ाते हुए कुछ नई श्रेणियां जोड़ी हैं। अब बच्चों की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन और कुपोषण से उबरने से जुड़े प्रावधानों के आधार पर भी पात्रता मिल सकेगी:
10वीं व 12वीं में 80% से अधिक अंक: सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) या CBSE की 10वीं या 12वीं परीक्षा में 80% या उससे अधिक अंक हासिल करता है।
निपुण भारत मिशन: सरकारी स्कूल में कक्षा 1 से 4 तक पढ़ने वाला बच्चा ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत निर्धारित कक्षा-स्तर की दक्षता हासिल करता है।
कुपोषण से मुक्ति: यदि मां अपने बच्चे को गंभीर तीव्र कुपोषण या मध्यम तीव्र कुपोषण की स्थिति से बाहर निकालने में सफल होती है (जिसकी पुष्टि महिला एवं बाल विकास विभाग करेगा)।
ध्यान दें: इस अतिरिक्त पात्रता श्रेणी में तीन से अधिक बच्चों वाली माताएं पात्र नहीं होंगी। हालांकि, एक ही परिवार में पात्रता की शर्तें पूरी करने वाली महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है।
गंभीर बीमारियों के मरीजों को अतिरिक्त राहत
योजना के तहत तीसरे या चौथे चरण के कैंसर, दुर्लभ बीमारियों, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों को दी जाने वाली निर्धारित सहायता के साथ-साथ ‘लाडो लक्ष्मी’ योजना का लाभ लेने का भी प्रावधान रखा गया है।
हर तीन महीने में ‘लाडो लक्ष्मी ऐप‘ पर देनी होगी पहचान
लाभार्थियों को पहली किश्त मिलने के बाद हर तीन महीने में ‘लाडो लक्ष्मी ऐप’ के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करानी होगी:
फेस रिकग्निशन: ऐप में पलक झपकाकर (Face Authentication) जीवित होने का प्रमाण देना होगा।
शिकायत निवारण: योजना से जुड़ी किसी भी शिकायत को ऐप के माध्यम से ही दर्ज कराया जा सकेगा।
कौन महिलाएं नहीं होंगी पात्र?
आयकर (Income Tax) देने वाली महिलाएं।
निर्धारित सामाजिक सुरक्षा पेंशन या अन्य सरकारी आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं।

