Yuva Haryana: अंडर-20 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में देश का नाम रोशन करने वाले हरियाणा के पहलवानों को पिछले 15 महीनों से अपनी इनामी सम्मान राशि मिलने का इंतजार है। खेल विभाग द्वारा औपचारिकताएं और फॉर्म भरवाने के बावजूद खिलाड़ियों के खाते में पुरस्कार राशि नहीं पहुंची है।
एशियाई कुश्ती में लहराया था परचम
5 से 13 जुलाई 2023 के दौरान आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारत ने कुल 21 पदक (10 स्वर्ण, 3 रजत और 8 कांस्य) हासिल किए थे। इनमें से अकेले हरियाणा के पहलवानों ने 9 स्वर्ण, 3 रजत और 5 कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया था। स्वर्ण पदक जीतने वालों में 6 महिला पहलवान भी शामिल हैं।
खिलाड़ियों और कोच की पीड़ा
“समय पर इनामी राशि मिलती तो आगे की तैयारी में मदद मिलती”
काजल (स्वर्ण पदक विजेता, सोनीपत): 76 किग्रा श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतने वाली काजल के पिता रविंदर ने बताया कि अभी तक इनामी राशि नहीं मिली है। अगर खिलाड़ियों को समय पर राशि मिल जाए, तो खेल की तैयारी और डाइट के लिए मजबूती मिलती है।
विशाल (कांस्य पदक विजेता, हिसार): 97 किग्रा श्रेणी में कांस्य पदक जीतने वाले विशाल ने भी सम्मान राशि न मिलने पर चिंता जताई।
संजय लाठर (कुश्ती कोच): कुश्ती कोच संजय लाठर के अनुसार, खिलाड़ियों से फॉर्म भरवाए जाने के साथ ही सभी आधिकारिक प्रक्रिया काफी समय पहले पूरी की जा चुकी हैं। सरकार और खेल विभाग से समय पर मदद मिलने से खिलाड़ियों के अभ्यास और पारिवारिक खर्चों में राहत मिलती है।
विभाग का पक्ष: एक माह के भीतर जारी होगी राशि
मामले पर खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) अश्वनी मलिक ने स्पष्ट किया कि:
- सीनियर वर्ग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को तुरंत इनामी राशि जारी की जाती है।
- जूनियर वर्ग के विजेताओं के लिए नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
- वर्ष 2024 तक की सभी प्रतियोगिताओं की सम्मान राशि खिलाड़ियों को दी जा चुकी है और इन खिलाड़ियों की राशि भी एक महीने के भीतर जारी कर दी जाएगी।

