Yuva Haryana: हरियाणा और पंजाब में एक बड़ी आतंकवादी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं के इशारे पर दोनों राज्यों को दहलाने की साजिश रची जा रही थी, जिसमें अंबाला आतंकियों के निशाने पर शीर्ष पर था। आरोपी अंबाला समेत कई प्रमुख स्थानों की रेकी भी कर चुके थे। हालांकि, हरियाणा एसटीएफ (STF) की मुस्तैदी से तीनों आरोपियों को समय रहते गिरफ्तार कर साजिश को नाकाम कर दिया गया।
पाकिस्तान से भेजा गया था 1.975 किलो विस्फोटक और IED
मामला मार्च महीने का है, जब एसटीएफ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बराड़ा और मुलाना के पास नाकाबंदी की गई थी। जांच के दौरान बाइक सवार जंगवीर सिंह, अली अकबर मोहम्मद और अनस रियेन को पकड़ा गया। उनके पास से 1.975 किलोग्राम इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह विस्फोटक पाकिस्तान से अमृतसर के रास्ते पहुंचाया गया था और इसे पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के निर्देशों पर विभिन्न स्थानों पर प्लांट किया जाना था।
मामले में अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार, ATS को सौंपी गई जांच
विस्फोटक सप्लाई और साजिश की कड़ियों को जोड़ने के मामले में अमृतसर निवासी मखनदीन का नाम सामने आया, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया। एसटीएफ के डीएसपी अमन कुमार के अनुसार, मामला आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा होने के कारण अब इसकी जांच एटीएस (ATS) को सौंप दी गई है।
अदालत का कड़ा रुख: “जघन्य अपराध में नहीं दे सकते जमानत”
मामले में शामिल आरोपी मखनदीन की नियमित जमानत याचिका को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिलाषा कोहली की अदालत ने खारिज कर दिया है।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया:
- इस तरह के गंभीर अपराध सीधे तौर पर देश की सुरक्षा, शांति और अखंडता के लिए खतरा हैं।
- अभियोजन पक्ष की इस आशंका को स्वीकार किया गया कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को धमका सकता है या देश छोड़कर भाग सकता है।
- केवल हिरासत की अवधि बीत जाने या चालान पेश हो जाने मात्र से ऐसे जघन्य मामलों में जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
- वर्तमान में आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम, यूएपीए (UAPA) और बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

