दो-दो बार परीक्षा कराने के बावजूद पद नहीं भरे, विशेषज्ञों ने उठाए परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम पर सवाल
Yuva Haryana : हरियाणा लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित 35 फीसदी कटऑफ को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 21 महीनों में क्लास-एक और दो की भर्तियों में करीब 31 फीसदी पद खाली रह गए। जनवरी 2025 से सितंबर 2026 तक के भर्ती आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि 6,222 पदों में से 4,317 पद ही भरे जा सके, जबकि बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए।
35 फीसदी कटऑफ से खाली रह गए पद
न्यूनतम 35 फीसदी अंक हासिल नहीं कर पाने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अगले चरण में नहीं पहुंच सके। इससे कई भर्तियों में पद खाली रह गए। कुछ परीक्षाओं में दो बार प्रक्रिया दोहराए जाने के बावजूद सभी पद नहीं भरे जा सके।
पहले की भर्तियों में स्क्रीनिंग टेस्ट, ऑब्जेक्टिव टेस्ट और उसके बाद इंटरव्यू के जरिए चयन किया जाता था। वर्ष 2023 में न्यूनतम 35 फीसदी अंक का फॉर्मूला लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में बदलाव आया।
इन भर्तियों में भी खाली रहे पद
पीजीटी कंप्यूटर साइंस की 1711 पदों की भर्ती निकली। इसमें पहले सिर्फ 39 का चयन हुआ। सियासी मुद्दा बना तो बाकी पदों के लिए दोबारा भर्ती निकाली। इसमें 1079 का चयन हुआ। 593 पद फिर खाली रह गए। इसी तरह कॉलेज कैडर में अंग्रेजी असिस्टेंट प्रोफेसर के 613 पदों के लिए 2,143 युवाओं ने परीक्षा दी। चयन 151 का ही हो पाया।
वहीं, पीजीटी (फिजिकल एजुकेशन) के 249 पदों के लिए सिर्फ 49 युवाओं का चयन हुआ। पीजीटी(बायोलॉजी) के 42 पदों के लिए सिर्फ 6 युवाओं का चयन हुआ और साइंटिस्ट (एचएसपीसीबी) के 16 पदों के लिए सिर्फ 4 युवाओं का चयन हुआ।
कटऑफ के साथ स्नातकोत्तर के अंकों को वेटेज देने का सुझाव
एक विकल्प के तौर पर स्नातकोत्तर (PG) में प्राप्त अंकों को भर्ती प्रक्रिया में वेटेज देने की बात भी कही गई है। इसमें अधिकतम 10 अंक या 10 फीसदी तक अंक दिए जाने का सुझाव बताया गया है।
इसके तहत अलग-अलग अंक वर्गों के अभ्यर्थियों को निर्धारित अनुपात में अतिरिक्त अंक देने का मॉडल भी सुझाया गया है। हालांकि यह एक सुझाव है, लागू भर्ती नियम नहीं।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोर्ट में भी मामले
हरियाणा में भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी संख्या में याचिकाएं अदालतों में लंबित हैं। कुछ भर्तियों के परिणाम भी कोर्ट में दाखिल याचिकाओं के निपटारे पर निर्भर बताए गए हैं।
पुलिस कांस्टेबल के 5,500 पदों की भर्ती का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें आरक्षित और अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग को लेकर विवाद सामने आया है।
भर्ती परीक्षाओं के नियमों पर बहस
पूरे मामले ने HPSC की भर्ती प्रक्रिया में कटऑफ, परीक्षा पैटर्न, पाठ्यक्रम और पदों को भरने की व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि परीक्षा का पाठ्यक्रम और प्रश्न-पत्र के मानक स्पष्ट होने से अभ्यर्थियों को तैयारी की बेहतर दिशा मिल सकती है।

