Yuva Haryana: पानीपत के लोगों और नेशनल हाईवे-44 (NH-44) से रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए राहत बड़ी खबर है। पानीपत के 10 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर जनवरी 2027 से टोल वसूली बंद होने की संभावना है। परियोजना की रियायत अवधि समाप्त होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस कॉरिडोर को अपने नियंत्रण में लेगा। इससे स्थानीय निवासियों और नियमित रूप से इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को आर्थिक राहत मिल सकती है।
एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की टोल वसूली की अवधि पहले जनवरी 2026 में समाप्त होनी थी। हालांकि, संबंधित कंपनी को अतिरिक्त समय दिए जाने के कारण अब इसकी अवधि जनवरी 2027 तक बढ़ा दी गई है।
जनवरी 2027 में NHAI को सौंपा जाएगा एक्सप्रेसवे
पानीपत का 10 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर पहले NH-1 के नाम से पहचाने जाने वाले मार्ग, यानी वर्तमान NH-44, पर विकसित किया गया था। इसका निर्माण L&T Panipat Elevated Corridor Limited ने बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत किया था।
इस परियोजना का निर्माण वर्ष 2008 में पूरा हुआ था। उसी वर्ष जुलाई में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने छह लेन वाले इस हाईवे का उद्घाटन किया था।
कोविड-19 महामारी के दौरान टोल वसूली में हुए कथित नुकसान और किसानों के विरोध के कारण कंपनी ने रियायत अवधि बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद कंपनी को लगभग एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया।
NHAI के अंबाला प्रोजेक्ट डायरेक्टर आकृति गुप्ता ने भी पुष्टि की कि BOT अवधि बढ़ाई गई थी और अब यह जनवरी 2027 में समाप्त होगी। इसके बाद कंपनी परियोजना और टोल प्लाजा को प्राधिकरण को सौंप देगी।
सेक्टर-18, एल्डिको और TDI के निवासियों को मिलेगी राहत
पानीपत के सेक्टर-18, एल्डिको और TDI जैसी कॉलोनियों में रहने वाले लोग लंबे समय से टोल भुगतान से राहत की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों और रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों को उम्मीद है कि टोल वसूली बंद होने से उनकी यात्रा का खर्च कम होगा।
एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने वाले लोगों को नियमित आवागमन के दौरान टोल देना पड़ता है। ऐसे में टोल वसूली समाप्त होने से खासकर रोजाना नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए यात्रा करने वालों को फायदा मिल सकता है।
पानीपत के आसपास चार टोल प्लाजा से गुजरते हैं वाहन चालक
- पानीपत के लगभग 30 किलोमीटर के दायरे में तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार टोल प्लाजा मौजूद हैं। इसके कारण स्थानीय लोगों और दूसरे शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों की यात्रा लागत बढ़ जाती है।
- करनाल की ओर जाने वाले वाहन: करीब 32 किलोमीटर दूर NH-44 पर घरौंडा टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है।
- इसराना की ओर जाने वाले वाहन: NH-71A पर दाहर टोल प्लाजा पार करना पड़ता है।
- उत्तर प्रदेश और अन्य शहरों की ओर जाने वाले वाहन: शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार जैसे गंतव्यों की ओर यात्रा करने वालों को संबंधित मार्गों पर टोल देना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर वसूली बंद होने से उनके नियमित आवागमन का खर्च कम होगा।
हैंडओवर से पहले शुरू हुआ रखरखाव का काम
परियोजना के प्रस्तावित हस्तांतरण से पहले कंपनी ने एलिवेटेड कॉरिडोर पर पैचवर्क और रखरखाव का काम शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य परियोजना को NHAI को सौंपने से पहले आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करना है।
वाहन चालकों को क्या ध्यान रखना चाहिए ?
जनवरी 2027 से टोल वसूली बंद होने की खबर पानीपत के लोगों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। हालांकि, वाहन चालकों को अंतिम व्यवस्था और टोल प्लाजा बंद होने की आधिकारिक तारीख के लिए NHAI की अधिसूचना पर नजर रखनी चाहिए।
यदि तय कार्यक्रम के अनुसार रियायत अवधि समाप्त होने के बाद टोल वसूली बंद होती है, तो पानीपत के स्थानीय निवासियों और NH-44 पर नियमित यात्रा करने वाले वाहन चालकों को इसका लाभ मिल सकता है।

