Yuva Haryana: हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टर, गैंग कल्चर, हथियारों और हिंसा के महिमामंडन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म, संगीत उद्योग, मीडिया संस्थानों और युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है। अभियान का उद्देश्य अपराध और हिंसा को आकर्षक जीवनशैली के रूप में प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना तथा युवाओं को गैंग और गन कल्चर के दुष्प्रभावों से बचाना है।
हरियाणवी संगीत जगत के कलाकारों के साथ बैठक
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस दिशा में विशेष पहल करते हुए हरियाणवी संगीत जगत के प्रमुख गायकों, गीतकारों और निर्माताओं के साथ बैठक आयोजित की। बैठक में कलाकारों को गीतों और म्यूजिक वीडियो के माध्यम से गैंगस्टरों, हथियारों और हिंसा के महिमामंडन से समाज और युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।
डिजिटल कंटेंट पर STF की पैनी नजर
गैंगस्टर, हथियारों और हिंसा का महिमामंडन करने वाले ऑनलाइन कंटेंट की पहचान और निगरानी के लिए STF में एक विशेष समिति का गठन किया गया है। यह समिति गीतों, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री की लगातार समीक्षा कर रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मध्यस्थों को कानूनी कार्रवाई के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।
67 आपत्तिजनक गीत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटवाए
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए गए। STF के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप गैंगस्टर, हथियारों और हिंसा का महिमामंडन करने वाले 67 गीत विभिन्न ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाए जा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, इन कार्रवाइयों के बाद ऐसे कंटेंट के निर्माण और प्रसार में भी उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है।
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में कार्रवाई
यह अभियान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2019 में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अदालत ने राज्यों को शराब, नशीले पदार्थों और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गीतों को सार्वजनिक कार्यक्रमों और अन्य मंचों पर बजाने से रोकने के निर्देश दिए थे।
200 युवाओं की काउंसलिंग, 12 इंस्टाग्राम अकाउंट हटवाए
हरियाणा पुलिस ने केवल कंटेंट हटाने तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी। सोशल मीडिया के माध्यम से गैंगस्टर और गन कल्चर से प्रभावित करीब 200 युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग की गई और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
इसके अलावा युवाओं के कट्टरपंथीकरण में इस्तेमाल किए जा रहे 12 इंस्टाग्राम अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें हटवाया गया। अन्य राज्यों के साथ भी ऐसे सोशल मीडिया कंटेंट और प्रोफाइल साझा किए गए हैं ताकि समन्वित कार्रवाई की जा सके।
मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एडवाइजरी जारी
हरियाणा पुलिस ने मीडिया संस्थानों, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और आमजन के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी तैयार की है। इसमें अपराधियों और आपराधिक गतिविधियों के प्रचार या महिमामंडन से बचने की अपील की गई है। इस एडवाइजरी को सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के माध्यम से राज्यभर के मीडिया संस्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
डीजीपी अजय सिंघल की अपील
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता केवल अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उस मानसिकता और डिजिटल माहौल पर भी रोक लगाना है जो अपराध को आकर्षक बनाकर पेश करता है।
उन्होंने कहा कि गैंगस्टर और गन कल्चर का महिमामंडन युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकता है और समाज में हिंसा को सामान्य बना सकता है। उन्होंने कलाकारों, मीडिया संस्थानों, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों से जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करने की अपील करते हुए कहा कि “अपराधियों को प्रचार नहीं, बल्कि अपराध के खिलाफ संदेश मिलना चाहिए।”

