Yuva Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आधिकारिक हेलीकॉप्टर को गुरुग्राम के ताऊ देवी लाल स्टेडियम परिसर में चार दिनों तक खड़ा रखने के कारण खिलाड़ियों की नियमित ट्रेनिंग प्रभावित होने का मामला सामने आया है। खिलाड़ियों और कोचों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा कारणों से स्टेडियम के एथलेटिक्स ट्रैक और इनर ग्राउंड तक उनकी पहुंच रोक दी गई, जिससे उन्हें अभ्यास से वंचित रहना पड़ा।
मुख्यमंत्री हाल ही में तीन दिवसीय सिंगापुर दौरे पर गए थे। इस दौरान उनका हेलीकॉप्टर स्टेडियम परिसर में पार्क किया गया था। हेलीकॉप्टर के कारण सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए, जिसके चलते कई दिनों तक खिलाड़ियों को ट्रैक पर अभ्यास करने की अनुमति नहीं मिली।
खिलाड़ियों और कोचों ने जताई नाराजगी
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के लिए एक-दो दिन की ट्रेनिंग भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। खिलाड़ियों और अभिभावकों ने सवाल उठाया कि खेल सुविधाओं का उपयोग वीआईपी व्यवस्थाओं के लिए क्यों किया जा रहा है, जबकि इससे खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित होती है।
कुछ खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए इसे “वीआईपी कल्चर” से जोड़कर आलोचना की। उनका कहना है कि स्टेडियम में सैकड़ों खिलाड़ी रोज अभ्यास करते हैं और उनके लिए यह प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है।
अधिकारियों के अलग-अलग जवाब
मामले में जिम्मेदारी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। जिला खेल अधिकारी ने स्टेडियम के संचालन की जिम्मेदारी गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) पर बताई, जबकि स्टेडियम प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से हेलीकॉप्टर पार्क करने का अनुरोध आया हो तो उसे रोकना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था।
हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी का दावा
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने कहा कि हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी (मशीनरी ग्लिच) आ गई थी, जिसके कारण वह चार दिन तक स्टेडियम में खड़ा रहा। उनका कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर लंबे समय तक वहां नहीं रखा जाता।
हरियाणा के खिलाड़ियों के योगदान के बीच उठा सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब एशियाई खेल 2026 में हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत के लिए सबसे अधिक पदक जीतने वाले राज्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारत के कुल पदकों में हरियाणा के खिलाड़ियों की बड़ी हिस्सेदारी रही। ऐसे में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग सुविधाओं पर असर को लेकर बहस तेज हो गई है।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे मुद्दे
ताऊ देवी लाल स्टेडियम में हेलीकॉप्टर लैंडिंग और पार्किंग की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि लगभग हर महीने एक-दो दिन इस तरह की गतिविधियों के कारण अभ्यास प्रभावित होता है। कोचों ने सुझाव दिया है कि हेलीकॉप्टर पार्किंग के लिए अलग स्थान या स्थायी हेलिपैड विकसित किया जाना चाहिए ताकि खेल गतिविधियां बाधित न हों।

