Yuva Haryana: गुरुग्राम के नए सेक्टरों में लंबे समय से अधूरे पड़े सड़क नेटवर्क को पूरा करने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार 24 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिए निजी जमीन का अधिग्रहण करेगी। इसके तहत सेक्टर 58 से 115 के बीच करीब 1,157.22 एकड़ निजी जमीन अधिग्रहित की जाएगी। यह जमीन प्रस्तावित 24 मीटर सड़क कॉरिडोर के लिए आवश्यक कुल क्षेत्रफल का करीब 63 फीसदी है।
यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद आया है। अदालत ने गुरुग्राम की कई आवासीय सोसायटियों तक उचित संपर्क सड़क नहीं होने के मामले में राज्य सरकार से स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना पेश करने को कहा था। अदालत ने कहा था कि वर्षों पहले लाइसेंस जारी होने के बावजूद सड़क कनेक्टिविटी की समस्या बनी हुई है, जिससे घर खरीदारों को परेशानी हो रही है।
24 मीटर सड़कों के लिए कुल 1,836.6 एकड़ जमीन की जरूरत
हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTCP) की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक, सेक्टर 58 से 115 के बीच प्रस्तावित 24 मीटर सड़कों के लिए कुल 1,836.6 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।
इसमें से 1,157.22 एकड़ जमीन अभी निजी मालिकों के पास है, जिसे सरकार अनिवार्य अधिग्रहण प्रक्रिया के जरिए हासिल करेगी। वहीं करीब 574.4 एकड़ जमीन लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में आती है, जहां डेवलपर्स की जिम्मेदारी सड़कों का निर्माण कर उन्हें सरकार को सौंपने की है। लगभग 104.98 एकड़ जमीन ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) के जरिए सरकार के पास आ चुकी है।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद तेज हुई प्रक्रिया
गुरुग्राम में 24 मीटर चौड़ी सड़कों का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया कि कई आवासीय सोसायटियों को मुख्य सड़कों से जोड़ने वाली सड़कें या तो अधूरी हैं या निजी जमीन से होकर गुजरती हैं।
अदालत ने सितंबर में राज्य सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए ठोस योजना पेश करने का अंतिम अवसर दिया था। इसके बाद DTCP ने अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
सबसे ज्यादा समस्या किन इलाकों में?
प्रस्तावित सड़क नेटवर्क में जमीन की कमी सबसे अधिक सेक्टर 99 से 115, खासकर द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास बताई गई है। यहां प्रस्तावित सड़क संरेखण की करीब 70 फीसदी जमीन अभी अधिग्रहित नहीं हुई है।
इसके बाद सेक्टर 68 से 80 में करीब 68.67 फीसदी और सेक्टर 88 से 95B में करीब 65.15 फीसदी जमीन अधिग्रहित किया जाना बाकी है।
पहले क्यों नहीं बन पाईं 24 मीटर सड़कें?
गुरुग्राम के मास्टर प्लान के तहत नए सेक्टरों में 24 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कों की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, इन सड़कों के लिए निजी कृषि भूमि अधिग्रहित करने की कोई प्रभावी व्यवस्था लंबे समय तक नहीं रही।
डेवलपर्स अपने लाइसेंस प्राप्त भूखंडों के भीतर सड़कें बनाने के लिए बाध्य थे, लेकिन आसपास की निजी जमीन खरीदने या अधिग्रहित कराने की व्यवस्था स्पष्ट नहीं थी। कई जगह अस्थायी रास्तों, कच्ची सड़कों या निजी जमीन के अस्थायी इस्तेमाल के जरिए सोसायटियों को जोड़ दिया गया। बाद में जमीन मालिकों और डेवलपर्स के बीच विवाद के कारण ये रास्ते बंद होने लगे।
इसका असर केवल आवागमन पर नहीं पड़ा, बल्कि कई क्षेत्रों में सीवर, पानी की पाइपलाइन और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी प्रभावित हुई।
10.61 एकड़ जमीन से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
सरकार ने पहले चरण में करीब 10.61 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आगे बढ़ाने का फैसला किया है। यह जमीन सेक्टर 81, 82, 82A, 83, 84, 85, 86 और 104 में सड़क निर्माण के लिए चिन्हित की गई है।
30 सितंबर को जारी अधिसूचना के बाद इन क्षेत्रों में सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment) की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसमें जमीन नवादा फतेहपुर, लखनौला, शिकोहपुर, सिही, बढ़ा और धनवापुर सहित कुछ गांवों में स्थित है।
जमीन अधिग्रहण के लिए 2013 का कानून लागू होगा
बड़ी परियोजना के लिए निजी जमीन का अधिग्रहण Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 के तहत किया जाएगा। सरकार ने शुरुआती अधिग्रहण के लिए DTCP के उपलब्ध External Development Charges (EDC) फंड का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। बाकी जमीन के लिए अलग वित्तीय व्यवस्था तैयार की जाएगी।
जमीन मालिकों के लिए TDR यानी Transferable Development Rights का विकल्प भी उपलब्ध है। हालांकि, DTCP के अनुसार TDR के लिए आवेदन करना जमीन मालिकों की इच्छा पर निर्भर है।
लाखों लोगों को मिल सकती है राहत
गुरुग्राम के नए सेक्टरों में बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियां विकसित हो चुकी हैं, लेकिन कई इलाकों में मुख्य सड़क से सीधा और चौड़ा संपर्क नहीं है। हरियाणा सरकार के इस कदम से भविष्य में इन सोसायटियों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, सरकार ने अभी 1,157.22 एकड़ जमीन के पूरे अधिग्रहण को पूरा करने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई है। DTCP ने हाईकोर्ट को बताया है कि बड़ी संख्या में जमीन मालिकों, राजस्व सत्यापन और विभिन्न विभागों की भागीदारी के कारण पूरी प्रक्रिया में समय लग सकता है।
पहले से चल रही थी योजना
इससे पहले जुलाई 2026 में भी रिपोर्ट सामने आई थी कि DTCP ने गुरुग्राम के सेक्टर 58 से 115 के बीच 24 मीटर चौड़ी सड़कों के लिए करीब 1,150 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने का प्रस्ताव तैयार किया था। उस समय सरकार अतिरिक्त व्यावसायिक जमीन अधिग्रहित कर उसे नीलाम करके सड़क निर्माण के लिए जरूरी धन जुटाने के विकल्प पर भी विचार कर रही थी।
इस तरह, ताजा अधिग्रहण प्रक्रिया को गुरुग्राम की लंबे समय से चली आ रही 24 मीटर सड़क कनेक्टिविटी की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

