Yuva Haryana: हरियाणा के अंबाला छावनी में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर निर्माणाधीन शहीद स्मारक अब देशभक्ति के साथ पर्यटन और खानपान के आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को हरियाणवी पारंपरिक व्यंजनों के साथ इटालियन और चाइनीज जायके का भी आनंद मिलेगा। इसके लिए स्मारक के प्रथम तल पर आठ आधुनिक फूड कोर्ट बनाने का प्रावधान किया गया है। इनमें से सात फूड कोर्ट को लीज पर देने के लिए ई-टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक आवेदक 27 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे।
इस परियोजना का उद्देश्य शहीदों की स्मृति को समर्पित स्मारक को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, जहां आगंतुकों को इतिहास, देशभक्ति और आधुनिक सुविधाओं का अनुभव एक ही स्थान पर मिल सके।
हरियाणवी खाने के साथ मिलेगा विदेशी जायका
शहीद स्मारक में आने वाले पर्यटकों के लिए खानपान की विविध व्यवस्था की जा रही है। यहां हरियाणा के पारंपरिक व्यंजनों के साथ पिज्जा, पास्ता और चाइनीज फूड जैसे विकल्प भी उपलब्ध कराने की योजना है।
हरियाणवी खाने में रोटी, सरसों का साग, बाजरे की रोटी, देसी घी से बने पकवान और अन्य स्थानीय व्यंजनों को शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा इटालियन और चाइनीज व्यंजनों के माध्यम से पर्यटकों को अलग-अलग तरह के स्वाद का विकल्प मिलेगा।
इस व्यवस्था से स्थानीय खानपान को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटकों को भी अपनी पसंद के अनुसार भोजन चुनने की सुविधा मिलेगी। फूड कोर्ट को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने की योजना है, ताकि परिवारों और समूहों के लिए यहां रुकना और भोजन करना सुविधाजनक हो सके।
आठ फूड कोर्ट का प्रावधान, सात के लिए ई-टेंडर
परियोजना के प्रथम तल पर आठ आधुनिक फूड कोर्ट बनाने का प्रावधान किया गया है। इनमें से सात फूड कोर्ट को लीज पर देने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। इच्छुक कारोबारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
प्रत्येक फूड कोर्ट का कारपेट एरिया लगभग 204.87 वर्ग फुट होगा। इसके अलावा प्रत्येक फूड कोर्ट के सामने 708 वर्ग फुट का खुला क्षेत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इससे कारोबारियों को भोजन परोसने और ग्राहकों के बैठने के लिए अतिरिक्त जगह मिल सकेगी।
फूड कोर्ट का संचालन करने वाले कारोबारियों को निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। ई-टेंडर के जरिए चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित फूड कोर्ट लीज पर दिए जाएंगे।
27 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन
फूड कोर्ट के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 27 अक्टूबर बताई गई है। इच्छुक आवेदकों को ई-टेंडर पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन करने से पहले टेंडर की शर्तों, पात्रता, लीज अवधि और अन्य जरूरी नियमों की जानकारी प्राप्त करना आवश्यक होगा।
यह पहल खाद्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों के लिए भी अवसर उपलब्ध करा सकती है। पर्यटन स्थल पर अलग-अलग तरह के व्यंजनों की उपलब्धता से ग्राहकों को आकर्षित करने और कारोबार बढ़ाने की संभावना रहती है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
अंबाला छावनी में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पास स्थित शहीद स्मारक को विकसित करने का उद्देश्य शहीदों के बलिदान और वीरता की स्मृतियों को संरक्षित करने के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और देश के वीरों के इतिहास से जुड़े इस स्मारक में पर्यटकों के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
आधुनिक फूड कोर्ट की व्यवस्था से यहां आने वाले लोगों को भोजन के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे पर्यटकों का अनुभव बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और आसपास की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
स्थानीय कारोबार और रोजगार की संभावनाएं
फूड कोर्ट के संचालन से खाद्य व्यवसाय, सेवा क्षेत्र और अन्य संबंधित गतिविधियों में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। भोजन तैयार करने, परोसने, साफ-सफाई और प्रबंधन जैसे कार्यों के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता हो सकती है।
हालांकि, वास्तविक रोजगार और कारोबार का स्तर फूड कोर्ट के संचालन, पर्यटकों की संख्या और कारोबारियों की योजनाओं पर निर्भर करेगा। परियोजना पूरी तरह विकसित होने के बाद यह स्थान अंबाला आने वाले पर्यटकों के लिए खानपान और ऐतिहासिक अनुभव का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
कुल मिलाकर, शहीद स्मारक में आधुनिक फूड कोर्ट विकसित करने की पहल पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है। यहां हरियाणवी व्यंजनों के साथ इटालियन और चाइनीज भोजन के विकल्प मिलने से पर्यटकों को विविध स्वाद का अनुभव मिलेगा, जबकि ई-टेंडर प्रक्रिया कारोबारियों को इस परियोजना से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।

