Yuva Haryana: बहादुरगढ़ शहर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित 200 बेड के नागरिक अस्पताल का निर्माण आठ साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। वर्ष 2018 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब तक अधूरा है। अस्पताल के निर्माण में देरी और बजट की मंजूरी का इंतजार होने से क्षेत्र के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शहर की बढ़ती आबादी के बीच अस्पताल का निर्माण पूरा नहीं होना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अस्पताल के निर्माण कार्य पर अब तक करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो पाई है। अस्पताल के शेष निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए करीब 16 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण निर्माण कार्य आगे बढ़ाने में दिक्कतें आ रही हैं।
2018 में शुरू हुआ था निर्माण
बहादुरगढ़ में मरीजों की बढ़ती संख्या और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए 200 बेड के नागरिक अस्पताल की योजना तैयार की गई थी। वर्ष 2018 में इसका निर्माण शुरू हुआ था। उम्मीद थी कि अस्पताल तैयार होने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।
हालांकि, कई साल बीत जाने के बाद भी अस्पताल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परियोजना में देरी के कारण नागरिकों को उस सुविधा का इंतजार करना पड़ रहा है, जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
बढ़ती आबादी के मुकाबले सुविधाएं सीमित
बहादुरगढ़ में आबादी और मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में 200 बेड का नागरिक अस्पताल शहर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अस्पताल शुरू होने से मरीजों को अधिक बेड, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और उपचार की अतिरिक्त व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान परिस्थितियों में सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नए अस्पताल के शुरू होने से मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, अस्पताल का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब निर्माण पूरा होने के साथ जरूरी उपकरण, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
बजट मंजूरी का इंतजार
रिपोर्ट में अस्पताल के शेष निर्माण कार्य के लिए करीब 16 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। परियोजना को पूरा करने के लिए आवश्यक राशि की स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
बजट की मंजूरी में देरी से न केवल परियोजना की समयसीमा प्रभावित होती है, बल्कि पहले से खर्च की गई राशि का अपेक्षित लाभ भी लोगों को नहीं मिल पाता। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित विभाग बजट और निर्माण से जुड़ी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
जल्द निर्माण पूरा करने की मांग
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अस्पताल के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कर इसे जल्द पूरा किया जाएगा। आठ साल से अधूरी पड़ी परियोजना को पूरा करने से बहादुरगढ़ और आसपास के क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकती हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शेष बजट को कब मंजूरी मिलेगी और अस्पताल का निर्माण कब तक पूरा होगा। लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे, ताकि 200 बेड के नागरिक अस्पताल का लाभ जल्द मिल सके।

