Yuva Haryana: हरियाणा में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल की है। इसके तहत अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का हर सप्ताह टेस्ट लिया जाएगा। यह परीक्षा ‘ओपन बुक टेस्ट’ के रूप में होगी, यानी विद्यार्थी किताब से देखकर भी प्रश्नों को हल कर सकेंगे।
विद्यार्थियों को शुरुआत में किताब में उत्तर खोजने में मदद के लिए पेज नंबर के संकेत दिए जाएंगे, जिससे वे स्वयं उत्तर ढूंढने और विषय को गहराई से समझकर लिखने में सक्षम हो सकें।
मुख्य बिंदु और खास बातें:
साइंस, मैथ्स और इंग्लिश पर ज्यादा फोकस: विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों के वर्तमान शैक्षणिक स्तर का आकलन करने के लिए अक्टूबर को आधार माना गया है। इन परीक्षाओं के परिणामों का विश्लेषण विषयवार, कक्षावार और ग्रेडवार किया जाएगा ताकि छात्रों की कमियों को दूर किया जा सके। जरूरत पड़ने पर स्कूलों में स्कूल टाइमिंग के बाद अतिरिक्त कक्षाएं (एक्स्ट्रा क्लास) भी लगाई जाएंगी।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए खास रणनीति: शैक्षणिक सुधार के तहत छोटी लिखित परीक्षाएं आयोजित कर विद्यार्थियों की गलतियों की पहचान की जाएगी, जैसे जरूरी शब्द छोड़ना, चित्रों पर लेबल न लगाना या हल के चरण अधूरे छोड़ना। इसके बाद संबंधित विषयों की दोबारा पढ़ाई कराई जाएगी और फिर से टेस्ट लेकर यह जांचा जाएगा कि विद्यार्थी की कमी दूर हुई या नहीं।
प्रदर्शन के आधार पर तीन श्रेणियां:
50% से कम अंक पाने वाले: इन्हें बेसिक कॉन्सेप्ट समझाने और न्यूनतम उत्तीर्ण स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
50% से 80% अंक वाले: इनकी विषय संबंधी समझ और उत्तर लिखने की क्षमता को सुधारा जाएगा।
80% से अधिक अंक वाले: इन्हें 90% से अधिक अंक हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
40 से 50% तक अंक दिलाने वाले विषयों पर विशेष तैयारी: बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए पाठ्यक्रम के ऐसे महत्वपूर्ण व अपेक्षाकृत आसान अध्यायों की पहचान की जाएगी, जिनसे थ्योरी के 40 से 50 प्रतिशत अंक आसानी से मिल सकें। साथ ही पिछले पांच वर्षों के बोर्ड प्रश्नपत्रों का विश्लेषण कर बार-बार पूछे जाने वाले सवालों का अभ्यास कराया जाएगा।
आंकड़ों पर एक नजर:
विद्यार्थियों का पिछले साल का रिजल्ट: हरियाणा में पिछले साल सरकारी विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 10वीं कक्षा का 85% और 12वीं कक्षा का 92% रहा था। पिछले 3 वर्षों में परिणामों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। विभाग का लक्ष्य अब केवल पास प्रतिशत बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की विषयवार दक्षता व समग्र शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार करना है।
कुल छात्र और स्कूल: हरियाणा के करीब 3,300 सरकारी स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा के कुल 3।24 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें 10वीं के 1।74 लाख और 12वीं के 1।50 लाख विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 218 राजकीय संस्कृत मॉडल विद्यालय, 248 पीएम श्री विद्यालय, 250 सीएम श्री विद्यालय और 318 सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय हैं, जबकि बाकी स्कूल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबंधित हैं।

