Yuva Haryana: हरियाणा में प्राथमिक शिक्षकों (JBT) की सेवा शर्तों में हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) अनिवार्य किए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस फैसले से करीब 10 हजार से अधिक कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी पर अनिश्चितता का संकट मंडराने लगा है। अपनी मांगों को लेकर और आंदोलन की भावी रणनीति तय करने के लिए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने 2 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र स्थित जाट धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई है।
22 जिलों से जुटेंगे शिक्षक नेता
इस महाबैठक में हरियाणा के सभी 22 जिलों के जिला अध्यक्ष, जिला सचिव और प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भाग लेंगे। बैठक की अध्यक्षता शिक्षक संगठन के शीर्ष नेता करेंगे।
क्या है मुख्य विवाद? (2004 और 2006 भर्ती का मामला)
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता सूबे सिंह सुजान और महासचिव राजेश शर्मा के अनुसार:
भर्ती के समय नियम नहीं थे: वर्ष 2004 और 2006 में जब जेबीटी शिक्षकों की भर्ती हुई थी, तब हरियाणा में एचटेट की कोई व्यवस्था अस्तित्व में ही नहीं थी। एचटेट की शुरुआत वर्ष 2009 में की गई।
बाद में नियम थोपना अनुचित: शिक्षकों का तर्क है कि जब भर्ती सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और योग्यताओं के आधार पर हुई थी और वे सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो अब उन पर पुरानी तारीख से एचटेट थोपना न्यायसंगत नहीं है।
संघ की मांग: “शिक्षक किसी परीक्षा के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि नौकरी में आने के सालों बाद नई शर्तें लागू करने के खिलाफ हैं। सरकार को कानून बनाकर इन शिक्षकों को राहत देनी चाहिए।” — राजेश शर्मा, महासचिव (राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ)
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी चिंता
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवारत शिक्षकों के लिए भी पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से संबंधित निर्देश दिए जाने के बाद से प्रदेश के इन शिक्षकों में चिंता काफी बढ़ गई है। शिक्षक संघ इस मुद्दे को सरकार के समक्ष कानूनी व प्रशासनिक स्तर पर मजबूती से उठाने की तैयारी कर रहा है।
बैठक में इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा:
- एचटेट की अनिवार्यता खत्म करना: बिना एचटेट नियुक्त शिक्षकों को छूट देने के लिए कानून बनाना।
- ट्रांसफर ड्राइव (Transfer Drive): शिक्षकों के तबादलों के लिए जल्द ट्रांसफर ड्राइव शुरू करना।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS): राज्य में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग।

