Yuva Haryana : हरियाणा में मानसून खत्म होने का समय करीब आ गया है, लेकिन जाते-जाते भी मानसून अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। बुधवार शाम से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के 20 जिलों में बारिश हुई। कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई। हिसार में सबसे अधिक 64 एमएम बारिश हुई।
बुधवार को कई जिलों में तेज बरसात और आंधी के चलते भारी संख्या में पेड़ टूट गए। इतना ही नहीं बिजली के खंभे टूटने की वजह से कई जगहों पर रातभर बत्ती भी गुल रही।
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा में मानसून की विदाई 18 से 20 सितंबर के बीच शुरू होने की संभावना है। इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
हिसार में सबसे अधिक 64 एमएम बारिश
बारिश के आंकड़ों के अनुसार हिसार में 64 एमएम, जींद में 40 एमएम, सिरसा में 31.5 एमएम और पानीपत में 22.5 एमएम बारिश दर्ज की गई।
19 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा में 19 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। वहीं 18 सितंबर तक हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
बारिश का कोटा पूरा नहीं कर पाया मानसून
एक जून से 16 सितंबर तक प्रदेश के औसत आंकड़े देखें तो पलवल एकमात्र जिला रहा, जहां सामान्य से 25 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। प्रदेश के अन्य 22 जिलों में सामान्य एक से 57 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।
जींद में सामान्य से 57 प्रतिशत, सिरसा में 53, अंबाला में 49, कैथल में 48, करनाल में 47, रोहतक में 46, सोनीपत में 31, पानीपत में 27 और हिसार में 20 प्रतिशत कम बारिश हुई।
तापमान में भी गिरावट
बारिश और मौसम में बदलाव के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 36 डिग्री से नीचे आकर 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है।



