Yuva Haryana : हरियाणा और पंजाब में दशकों से चल रहे सतलुज यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) विवाद के बीच पानी के इंतजार में बैठे दक्षिण हरियाणा के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है।
दरअसल, एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार दक्षिण हरियाणा में एसवाईएल का पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग ने नई योजना तैयार की है।
योजना के अनुसार करीब दस हजार क्यूसेक पानी दक्षिण हरियाणा की ओर पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
योजना के तहत एसवाईएल के माध्यम 6500 क्यूसेक और नरवाना ब्रांच के जरिए 3500 क्यूसेक पानी दक्षिण हरियाणा में पहुंचाया जाएगा। वहीं इसमें मानसून के समय उफान पर रहने वाली मारकंडा नदी का भी पानी छोड़ा जाएगा, ताकि यहां बाढ़ खतरा टल सके।
इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए सिंचाई विभाग संबंधित नहरों का सुधार करवा रही है और इस कार्य के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जाएगा।
इससे संबंधित प्रस्ताव पर विभाग ने पूरी तैयारी करके मंजूरी दे दी है। अब बस मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हरी झंडी का ही इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल, कुरुक्षेत्र जिले में एसवाईएल नहर की लंबाई करीब 35 किलोमीटर है। यहां कई-कई फीट गाद भरने और झाड़ियां, पेड़-पौधे उगने के कारण इसकी चौड़ाई 25 फीट से 15 फीट रह गई है। इसके कारण हर बार क्षेत्र में बाढ़ का भी खतरा बना रहता है।
ऐसे में सिंचाई विभाग की योजना है कि इस नहर की साफ-सफाई करवाकर एसवाईएल, नरवाना ब्रांच और मारकंडा नदी का पानी दक्षिण हरियाणा तक पहुंचाया जाए।



