Yuva Haryana: गुरुग्राम में बिना होलोग्राम और ट्रैक एंड ट्रेस स्ट्रिप्स के आयातित विदेशी शराब बेचकर 10 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाने वाले एक बड़े शराब सिंडिकेट पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया है।
बुधवार को की गई छापेमारी
ईडी के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में कुल 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन ठिकानों में शराब कारोबारी अंकुश गोयल और उसके साझीदारों से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं। इस सिंडिकेट पर सरकारी शुल्क और करों की चोरी कर अवैध रूप से शराब बेचने का गंभीर आरोप है।
गोवा-महाराष्ट्र के नाम पर गुरुग्राम में खपाई गई शराब
जांच के दौरान ‘बॉन्ड-टू-बॉन्ड ट्रांसफर’ व्यवस्था के दुरुपयोग का बड़ा खुलासा हुआ है। विदेशी शराब आपूर्तिकर्ताओं को बैंकिंग चैनलों से भुगतान करने के बाद शराब को हरियाणा के बांडेड गोदामों में लाया गया। इसे गोवा और महाराष्ट्र के निर्धारित गोदामों तक पहुंचाने के बजाय ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से सीधे गुरुग्राम के शराब ठेकों पर भेज दिया गया और ग्राहकों को बेच दिया गया। इससे सीमा शुल्क, उपकर और अन्य करों की भारी चोरी की गई है। ईडी की इस कार्रवाई के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, शराब खरीद से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है।
ऐसे चला अवैध कारोबार और पुलिस की कार्रवाई
जांच में सामने आया है कि आरोपी गुरुग्राम में लाइसेंस प्राप्त शराब ठेकों ‘द ठेका’ के जरिए यह अवैध कारोबार चला रहे थे। हरियाणा पुलिस ने विदेशी शराब की अवैध बिक्री और बांड-टू-बॉन्ड ट्रांसफर के दुरुपयोग के आरोप में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके तहत 9 दिसंबर को अधिकारियों ने ‘द ठेका’ से 3,921 पेटी और 176 बोतलें आयातित विदेशी शराब जब्त की थीं।
10 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा
ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि सिंडिकेट ने वर्ष 2025-27 के लिए शराब लाइसेंस लेने के बाद जून से नवंबर 2025 के बीच एक लाख से अधिक बोतलें आयातित विदेशी शराब खरीदी थीं। इस पर सीमा शुल्क, वैट, अन्य कर और प्रति बल्क लीटर लगने वाला परमिट शुल्क नहीं चुकाया गया, जिससे इन्होंने 10 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध मुनाफा कमाया।

