Yuva Haryana: हरियाणा में आगामी जनगणना-2027 को शत-प्रतिशत त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि यदि जनगणना के दौरान कोई भी घर, परिवार छूटता है या फिर आंकड़ों की दोहरी गणना होती है, तो इसके लिए सीधे संबंधित जिला प्रशासन (उपायुक्त / DC) की जवाबदेही तय होगी।
सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित ‘जनगणना प्रधान अधिकारियों के सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को इस कार्य को अतिरिक्त काम की बजाय प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए।
जनगणना 2027: प्रमुख तिथियां और कार्यक्रम
10 जनवरी से 24 जनवरी 2027: नागरिक ‘स्व-गणना पोर्टल’ के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
25 जनवरी से 28 फरवरी 2027: लगभग 87,450 जनगणना कर्मी घर-घर जाकर आबादी की भौतिक गणना करेंगे।
1 मार्च से 5 मार्च 2027: छूटे हुए परिवारों की जांच और आंकड़ों के संशोधन के लिए ‘पुनरीक्षण अभियान’ चलाया जाएगा।
जनगणना की संदर्भ तिथि: 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे निर्धारित की गई है।
पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना, ऑनलाइन वालों का भी होगा सत्यापन
जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन ने बताया कि यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। जो नागरिक स्व-गणना पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जानकारी दर्ज कराएंगे, उन्हें भी सत्यापन प्रक्रिया से छूट नहीं मिलेगी। डेटा में किसी भी विसंगति को दूर करने के लिए सुपरवाइजर 20 प्रतिशत रिकॉर्ड्स की रैंडम जांच करेंगे।
हरियाणा जनगणना 2027: मुख्य आंकड़े और व्यवस्थाएं
शामिल क्षेत्र: यह जनगणना प्रदेश के 23 जिलों, 6,522 गांवों और 88 शहरों में की जाएगी।
ब्लॉक और चार्ज: इसके लिए करीब 70,000 जनगणना ब्लॉकों के माध्यम से काम किया जाएगा और कुल 203 जनगणना चार्ज बनाए गए हैं।
कर्मचारियों की तैनाती: कुल 87,450 कर्मियों की प्रस्तावित व्यवस्था में 74,800 गणनाकर्मी और 12,650 सुपरवाइजर शामिल हैं।
मानदेय: गणनाकर्मियों और सुपरवाइजरों को दोनों चरणों के लिए कुल 25,000 रुपये मानदेय मिलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण के लिए 9,000 और आबादी गणना के लिए 16,000 रुपये शामिल हैं।
विशेष निगरानी और अभियान
मोबाइल ऐप से निगरानी: जनगणना प्रबंधन, मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा।
हाई-रिस्क एरिया पर फोकस: तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियों, बहुमंजिला इमारतों, शहरी झुग्गियों और प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जागरूकता अभियान: जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया, ग्राम पंचायतों, शिक्षण संस्थानों, आरडब्ल्यूए के साथ-साथ प्रसिद्ध सूरजकुंड मेले और गीता जयंती में भी अभियान चलाए जाएंगे।
अफवाहों पर लगाम: अधिकारियों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों और अफवाहों का त्वरित व तथ्यात्मक जवाब देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

