महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के 16 प्रोफेसर और 9 शोधार्थियों को मिली जगह, शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धि में लगातार हो रहा इजाफा।
Yuva Haryana: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक के वैज्ञानिकों ने शोध के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और वैज्ञानिक प्रकाशन संस्था एल्सेवियर (Elsevier) की ओर से 7 अक्टूबर को जारी वार्षिक सूची में MDU के 25 वैज्ञानिकों को दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान मिला है। इस सूची में विश्वविद्यालय के 16 प्रोफेसर और 9 शोधार्थी शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शोध और वैज्ञानिक योगदान के क्षेत्र में लगातार हो रही प्रगति को दर्शाती है।
कुलपति ने दी वैज्ञानिकों को बधाई
इस उपलब्धि पर MDU के कुलपति प्रो. मिलाप पुनिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के 25 शोधकर्ताओं का विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होना गर्व की बात है। उन्होंने इसे शिक्षकों और विद्यार्थियों की शोध के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।
कुलपति के अनुसार, विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने और शोध कार्यों के स्तर में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए मिला स्थान
वर्ष 2025 में उत्कृष्ट शोध प्रदर्शन के आधार पर MDU के 15 शिक्षक और 7 विद्यार्थी शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए। इनमें से कुछ वैज्ञानिकों को अपने पूरे शोध करियर में उल्लेखनीय योगदान के लिए भी स्थान मिला।
प्रमुख नामों में प्रो. चंद्रशेखर पुंडीर, जय प्रकाश यादव, विनोद बाला, प्रो. नरसिम्हन बी., हरीश दुरेजा, राजेश पुनिया, कृष्ण कांत शर्मा, देवेंद्र सिंह, दीपक कौशिक, सुरेंद्र सिंह यादव, नवीन कुमार, सर्वजीत सिंह गिल, अनिल ओहलान, दीपक छाबड़ा, रामफूल ओहल्यान और पूनम रैढ़ू शामिल हैं।
रिपोर्ट में प्रो. सीएस पुंडीर, वरिष्ठ प्रो. डॉ. नरसिम्हन बी., प्रो. सर्वजीत सिंह गिल और प्रो. बलजीत यादव को उनके पूरे शोध करियर में उल्लेखनीय योगदान के लिए भी स्थान मिलने का उल्लेख है।
स्टैनफोर्ड की सूची में बढ़ रही MDU वैज्ञानिकों की भागीदारी
वर्ष 2020 से 2024 के बीच स्टैनफोर्ड की सूची में MDU के वैज्ञानिकों की भागीदारी में वृद्धि देखने को मिली। वर्ष 2020 में विश्वविद्यालय के 6 वैज्ञानिक सूची में शामिल थे, जबकि 2021 में यह संख्या 4 रही। वर्ष 2022 में 8, वर्ष 2023 में 15 और वर्ष 2024 में 19 वैज्ञानिकों ने सूची में स्थान बनाया।
इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय की शोध गतिविधियों और वैज्ञानिक योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का संकेत मिलता है।
MDU के वैज्ञानिकों की यह सफलता विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यों के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

