एशियन पैरा गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 31 पदक जीते; हनी और संदीप ने बनाए विश्व रिकॉर्ड
Yuva Haryana: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य के खिलाड़ियों ने आठ खेलों में हिस्सा लेते हुए कुल 31 पदक अपने नाम किए। इनमें नौ स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक शामिल हैं। खास बात यह रही कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने सात स्पर्धाओं में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया, जबकि एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 21 पदक हासिल किए।
भारतीय दल ने प्रतियोगिता में कुल 114 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। हरियाणा के खिलाड़ियों ने इस सफलता में अहम योगदान दिया। उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश पैरा खेलों में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल है।
आठ खेलों में दिखाया दम, 31 पदक किए हासिल
हरियाणा के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान आठ खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुल 31 पदकों के साथ प्रदेश के खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया। एथलेटिक्स में खिलाड़ियों का दबदबा सबसे ज्यादा रहा और इस खेल में 21 पदक मिले।
हरियाणा के खिलाड़ियों ने भाला फेंक, क्लब थ्रो, तीरंदाजी, बैडमिंटन, तैराकी, जूडो, शूटिंग और अन्य स्पर्धाओं में पदक जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाने में योगदान दिया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत, अनुशासन, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवारों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
हनी और संदीप ने विश्व रिकॉर्ड बनाकर रचा इतिहास
इस प्रतियोगिता में रोहतक के पैरा एथलीट हनी ने भाला फेंक की F37 श्रेणी में 60.49 मीटर का थ्रो करके विश्व रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। उनका यह प्रदर्शन हरियाणा के लिए प्रतियोगिता के सबसे खास पलों में से एक रहा।
वहीं, हिसार के संदीप कुमार ने 400 मीटर दौड़ की T44 श्रेणी में 52.28 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ा।
दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि ने यह साबित किया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, लगातार अभ्यास और मजबूत तैयारी के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए कीर्तिमान बनाए जा सकते हैं।
सुमित अंतिल, प्रणव सूरमा और नितेश कुमार भी चमके
हरियाणा के कई अन्य खिलाड़ियों ने भी स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। सुमित अंतिल और सुमित ने भाला फेंक में शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा और धर्मबीर ने क्लब थ्रो में अपनी प्रतिभा दिखाई।
तीरंदाजी में हरविंदर सिंह ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि बैडमिंटन में नितेश कुमार ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी सफलता जोड़ी। रिंकू ने भी भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा की पदक संख्या बढ़ाई।
इन खिलाड़ियों की सफलता से प्रदेश में पैरा खेलों को लेकर उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह उपलब्धियां प्रेरणा बन सकती हैं।
रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया मान
हरियाणा के खिलाड़ियों ने केवल स्वर्ण पदकों तक ही अपना प्रदर्शन सीमित नहीं रखा, बल्कि रजत और कांस्य पदक भी जीते। भावना और पूजा ने तीरंदाजी में रजत पदक हासिल किए। प्रमोद ने 1500 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया। नितेश कुमार, कोकिला, मनीष नरवाल और अशोक मलिक सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीते।
कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में नवदीप, हिमांशु, धर्मबीर और अजय कुमार सहित कई नाम शामिल रहे। इन खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में अच्छा प्रदर्शन करके भारत और हरियाणा की पदक संख्या में योगदान दिया।
हरियाणा के खिलाड़ियों की उपलब्धि पर जताया गया गर्व
पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ हरियाणा की अध्यक्ष आरती सिंह राव ने खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ और परिवारों को इस सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
एशियन पैरा गेम्स में हरियाणा का यह प्रदर्शन प्रदेश में पैरा खेलों की मजबूत होती स्थिति को दर्शाता है। खिलाड़ियों की सफलता से आने वाली पीढ़ियों को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। अब उम्मीद है कि इस उपलब्धि के बाद खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अधिक अवसर मिलेंगे।

