Yuva Haryana : दिवाली से पहले हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए नए आदेश जारी किए है। इसके तहत अब गैर एनसीआर जिलों में ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी तरह के पटाखों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। सरकार के यह आदेश अगले एक साल तक जारी रहेंगे।
सरकार के नए आदेश के मुताबिक अब किसी भी व्यक्ति या संस्था को पटाखों के भंडारण, ऑनलाइन-ऑफलाइन बिक्री, निर्माण और जलाने की अनुमति नहीं होगी। दरअसल, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा पांच के तहत यह आदेश जारी किया है। विभाग द्वारा सभी जिला प्रशासन और पुलिस को पूरे साल सख्ती से इन आदेशों को लागू करवाने के निर्देश गए है।
साथ ही हरियाणा सरकार ने फ्लिपकार्ट, अमेजन समेत सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों को आदेश दिया है कि वे पटाखों की ऑनलाइन बिक्री या डिलीवरी तुरंत बंद करें, क्योंकि अब किसी भी गैर एनसीआर जिले में ऑनलाइन ऑर्डर स्वीकार करना कानूनन अपराध माना जाएगा। साथ ही प्रदूषण विभाग की एक टीम नजर भी रखेगी, अगर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पटाखों की बिक्री मिलती है तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
आपको यह भी बता दें कि आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत की जाएगी। इस धारा के तहत पहली बार अपराध करने पर आरोपी को पांच साल तक की सजा या एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। वहीं, अगर अपराध जारी रहता है तो हर दिन के लिए अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है जबकि लगातार उल्लंघन करने पर सजा की अवधि सात साल तक बढ़ाई जा सकती है।
हरियाणा सरकार का कहना है कि दीपावली, गुरु पर्व, क्रिसमस और नए साल पर सिर्फ ग्रीन पटाखे ही जलाए जा सकते हैं। ग्रीन पटाखों के लिए निर्धारित समय सीमा के अनुसार दीपावली और गुरु पर्व पर रात 8 से 10 बजे तक व क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11:55 से 12:30 बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे।
पर्यावरण विभाग का मानना है कि पटाखों से निकलने वाले रासायनिक तत्व वायु को प्रदूषित करते हैं जिससे बच्चे, बुजुर्ग और सांस या हृदय के रोगी सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता में गिरावट को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।



