Yuva Haryana: हिसार की विधायक सावित्री जिंदल ने केंद्र सरकार से हिसार में एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय संस्थानों के वितरण में क्षेत्रीय असंतुलन का हवाला देते हुए हिसार के शैक्षणिक, औद्योगिक और कनेक्टिविटी (संपर्क) के फायदों का उल्लेख किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को लिखे पत्र में विधायक सावित्री जिंदल ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार राज्य में एक आईआईटी स्थापित करने पर विचार कर रही हैं और इसके लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पिछले दो दशकों से हिसार की उपेक्षा का तर्क
भाजपा सरकार को समर्थन दे रही निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपते हुए बताया कि पिछले 20 वर्षों में हरियाणाभर में 24 से अधिक केंद्रीय संस्थान स्थापित किए गए हैं। ये संस्थान पंचकुला, करनाल, कुंजपुरा, मानेसर, रोहतक, गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ जैसे क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। लेकिन रणनीतिक स्थिति और शैक्षणिक व औद्योगिक क्षमता होने के बावजूद हिसार को इस दौरान कोई बड़ा केंद्रीय संस्थान नहीं मिला।
पूर्व में भूपेंद्र सिंह हुड्डा नीत कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुकीं जिंदल ने कहा कि हिसार में आईआईटी की स्थापना से इस लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में मदद मिलेगी।
हिसार का मजबूत दावा और सुविधाएं
प्रस्ताव में हिसार के दावे को मजबूत करने वाले कई प्रमुख कारणों को रेखांकित किया गया है:
आईआईटी/एनआईटी से दूरी: मौजूदा आईआईटी और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NIT) से हिसार की दूरी काफी अधिक है। नया संस्थान बनने से उन क्षेत्रों को फायदा मिलेगा जहाँ प्रीमियम तकनीकी संस्थानों तक पहुँच सीमित है।
हवाई अड्डा और औद्योगिक कॉरिडोर: हिसार का चालू हवाई अड्डा और इसका प्रस्तावित विस्तार। साथ ही राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम (NICDP) के तहत प्रस्तावित एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (IMC)।
शैक्षणिक वातावरण और कनेक्टिविटी: शहर में पहले से मौजूद उच्च शिक्षा व शोध का मजबूत ढांचा और दिल्ली के साथ सुगम कनेक्टिविटी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस संस्थान के लिए उपयुक्त स्थलों की संभावना तलाश रही है।

