Yuva Haryana: हरियाणा शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों और शिक्षा कार्यालयों में कार्यरत नॉन-टीचिंग कर्मचारियों (क्षेत्रीय कैडर) के तबादलों के लिए ‘मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव-2026’ की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर किसी कर्मचारी ने ट्रांसफर ड्राइव में अतिरिक्त अंक पाने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए, तो उसे तुरंत ट्रांसफर प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
31 अक्तूबर तक डेटा अपडेट करने के निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी डीडीओ (DDO) और डीईईओ (DEEO) को 31 अक्तूबर 2026 तक ‘इंट्रा-हरियाणा पोर्टल’ पर कर्मचारियों का सर्विस रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रांसफर पोर्टल खुलने से पहले हर कर्मचारी का सर्विस रिकॉर्ड और दावों का 100% वेरिफिकेशन किया जाएगा। गलत डेटा अप्रूव करने वाले अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई होगी।
किस श्रेणी में क्या दस्तावेज जमा कराना अनिवार्य?
मनपसंद स्टेशन पाने और अतिरिक्त मेरिट पॉइंट्स प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को निम्नलिखित पुख्ता सबूत देने होंगे:
गंभीर बीमारी: कर्मचारी या परिवार (पति/पत्नी/अविवाहित बच्चे) के पीड़ित होने पर एम्स, पीजीआई रोहतक, पीजीआई चंडीगढ़ या हरियाणा/दिल्ली के सरकारी मेडिकल कॉलेज के सक्षम मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी वैध प्रमाण पत्र।
दिव्यांगता: कर्मचारी या उनके बच्चे के दिव्यांग होने पर यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड (UDID)।
विशेष श्रेणी (तलाकशुदा/एकल अभिभावक): कोर्ट के आदेश पेश करने होंगे। विधवा या विधुर कर्मचारियों को जीवनसाथी का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा।
कपल केस व सेना/पैरामिलिट्री: तय फॉर्मेट में कपल केस का प्रमाण और सेना/पैरामिलिट्री में तैनात जीवनसाथी का आधिकारिक सर्विस आईडी कार्ड संलग्न करना होगा।
ऑटो-ऑब्जेक्शन सिस्टम खुद पकड़ेगा गलतियां
कर्मचारियों को ‘इंट्रा हरियाणा पोर्टल’ पर लॉगिन करके अपने रिकॉर्ड का प्रीलिमीनरी अपडेशन ऑफ डेटा विकल्प से सत्यापन करना होगा। इसमें नाम, पेयी कोड, मोबाइल नंबर, ईमेल, परिवार पहचान पत्र, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, गृह जिला, नियुक्ति तारीख और कैडर जैसी जानकारियां जांची जाएंगी।
ट्रांसफर पॉलिसी के तहत मिलने वाले मेरिट अंकों का रिकॉर्ड भी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांचा जाएगा। यदि कोई कमी या गड़बड़ी पाई जाती है, तो सॉफ्टवेयर खुद पहचानकर ‘ऑटो-ऑब्जेक्शन बाय सिस्टम’ के तहत कर्मचारी की स्क्रीन पर अलर्ट जारी करेगा।
प्रदेश में नॉन-टीचिंग के पदों की स्थिति
प्रदेश भर में नॉन-टीचिंग पद स्वीकृत हैं, जिन पर न्यूनतम 1 वर्ष और अधिकतम 5 वर्ष का कार्यकाल निर्धारित है। वर्तमान में रिक्त पड़े प्रमुख पदों का विवरण निम्न प्रकार है:
- लैब अटेंडेंट: 1,926 स्वीकृत पद (1,846 खाली)
- क्लर्क: 5,684 स्वीकृत पद (1,255 खाली)
- असिस्टेंट: 474 स्वीकृत पद (220 खाली)
- डिप्टी सुपरिटेंडेंट: 134 स्वीकृत पद (85 खाली)
- स्टेनो टाइपिस्ट: 62 स्वीकृत पद (59 खाली)
- बीईओ/डीईईओ कैडर: 184 स्वीकृत पद (52 खाली)
- ड्राइवर: 66 स्वीकृत पद (44 खाली)
- स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट: 57 स्वीकृत पद (17 खाली)

