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हरियाणा पर बढ़ा कर्ज का बोझ, 7 साल तक हर साल कितने करोड़ रुपये चुकाने होंगे ? जानें

Yuva Haryana
Last updated: September 22, 2026 11:51 am
Yuva Haryana
Published: September 22, 2026
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Yuva Haryana : हरियाणा सरकार के सामने बढ़ते कर्ज और उसके भुगतान को लेकर बड़ी चुनौती है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक हरियाणा सरकार को करीब 1.28 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाना होगा यानी कि हर साल औसतन करीब 21,725 करोड़ रुपये सिर्फ पुराने कर्ज का मूलधन चुकाने पर खर्च होंगे। बड़ी बात ये है कि इस रकम के ऊपर ब्याज का बोझ भी अलग होगा।

सीएजी की रिपोर्ट
सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 से 2034-35 के बीच चुकाए जाने वाले कुल 3.16 करोड़ के सार्वजनिक कर्ज में से 23,959 करोड़ की अदायगी 2025-26 में होनी है। 2026-27 से 2031-32 के बीच 1.28 लाख करोड़ रुपये चुकाने होंगे।

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कर्ज की यह तस्वीर सिर्फ मूलधन तक सीमित नहीं है। हरियाणा का आंतरिक कर्ज जो 2020-21 में 2.04 लाख करोड़ था वह 2024-25 में बढ़कर 3.11 लाख करोड़ हो गया है। इस बीच आंतरिक कर्ज में करीब 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा ने 2024-25 में आंतरिक कर्ज पर 21,936 करोड़ रुपये ब्याज चुकाया था।

सरकार के लिए क्या चुनौती ?
हरियाणा सरकार के सामने पुराने कर्ज की अदायगी के साथ नई परिसंपत्तियां बनाने के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाने की चुनौती है। 2020-21 में पूंजीगत खर्च 6,796 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 19,976 करोड़ रुपये हुआ, लेकिन 2024-25 में घटकर 15,641 करोड़ रह गया। ऐसे में सड़क, स्कूल, अस्पताल जैसी नई परिसंपत्तियां बनाने के लिए धन जुटाना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

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