Yuva Haryana : हरियाणा में धान खरीद की तैयारियों को लेकर सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। किसानों को धान बेचने के लिए मंडियों में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सभी जिलों से धान में नमी और फसल की स्थिति का ब्योरा मांगा है। कृषि मंत्री ने कहा है कि दो दिन के भीतर धान खरीद शुरू करने की तारीख तय कर दी जाएगी।
जिलों से मांगी डिटेल
धान की खरीद शुरू करने से पहले मंडियों में पहुंचने वाली फसल में नमी की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। सरकार खरीद की तारीख फसल की वास्तविक स्थिति और औसत उत्पादन को ध्यान में रखकर तय करेगी। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मंडियों में धान की आवक शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
निर्देशालय ने निर्देश दिए हैं कि फसलों के मिलान के साथ सत्यापन का कार्य तीन दिन के भीतर पूरा किया जाए। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 27 सितंबर तक खुला रहेगा।
मंडियों से हटेंगी गेहूं की 2 लाख बोरियां
राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडियों में रखी गेहूं की करीब 2 लाख बोरियों को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य धान की नई फसल के लिए मंडियों में पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में गेहूं का उठान जल्द पूरा कराया जाए, ताकि धान की आवक बढ़ने पर किसानों को फसल उतारने और बेचने में दिक्कत न हो।
पहले दिन एक फीसदी फसलों का हुआ सत्यापन
हरियाणा में खरीफ सीजन की फसलों के मिसमैच मामलों का सत्यापन भी शुरू हो गया है। प्रदेश में 22.34 लाख एकड़ खरीफ फसल का मिलान नहीं हुआ था। बुधवार को पहले दिन करीब एक फीसदी यानी 21,483 एकड़ फसल का सत्यापन किया गया। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को मौके पर जाकर फसल की वास्तविक स्थिति की जांच करनी होगी।
उपायुक्त और डीआरओ के साथ पटवारी करेंगे सत्यापन
फसल सत्यापन के लिए उपायुक्त, डीआरओ और पटवारी समेत संबंधित अधिकारियों की मदद ली जाएगी। जिन किसानों की फसल का पोर्टल पर मिलान नहीं हुआ है, उनके मामलों की जांच कर वास्तविक स्थिति दर्ज की जाएगी।
गांव चौटाला में फसल मिलान का कार्य अटका
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशि जानकारी के अनुसार सिरसा जिले के गांव चौटाला में करीब 7 हजार एकड़ जमीन की फसल का मिलान नहीं हुआ है। इनमें धान और बाजरा जैसी खरीफ फसलें शामिल हैं।
सरकार की ओर से खरीफ फसलों के मिसमैच और सत्यापन को लेकर भी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इनमें धान, बाजरा, मक्का, मूंग, ग्वार समेत कई फसलें शामिल हैं। किसानों की फसल का पंजीकरण और सत्यापन खरीद प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
किसानों को खरीद शुरू होने का इंतजार
धान की फसल तैयार होने के साथ किसान मंडियों में खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार की ओर से जिलों से फसल और नमी की जानकारी जुटाने के बाद अब अगले दो दिनों में खरीद की तारीख तय कर दी जाएगी।

