Yuva Haryana : हरियाणा में आत्महत्या रोकथाम के लिए राज्य सरकार जोर दे रही है। सरकार के मुताबिक इसके लिए भावनात्मक परेशानी की शुरुआती पहचान, काउंसलिंग, समय पर पेशेवर हस्तक्षेप और चौबीसों घंटे मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि तत्काल सहायता के लिए टेली-मानस (14416 और 1-800-891-4416) की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है।
10 अक्टूबर 2022 को शुरुआत से लेकर अब तक टेली-मानस पर कुल 19,773 कॉल प्राप्त हुई हैं। इनमें से 92.4 प्रतिशत कॉल सीधे लाभार्थियों द्वारा की गई, जो हेल्पलाइन के प्रति लोगों में जागरूकता और विश्वास का मजबूत संकेत है।
कॉल करने वालों में अधिकांश, यानी 82 प्रतिशत लोग 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। यह दर्शाता है कि यह संकट युवाओं और कामकाजी आयु वर्ग की आबादी से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है।
कुल कॉल में एक तिहाई से अधिक मामले उदासी और अवसाद से संबंधित चिंताओं के हैं। इसके बाद परीक्षा, कामकाज और रिश्तों से जुड़ा तनाव प्रमुख है। चिंता, नशे से जुड़ी समस्याएं और नींद संबंधी परेशानियां भी प्रमुख शिकायतों में शामिल हैं। ये सभी मिलकर कुल संपर्कों के 80 प्रतिशत से अधिक हैं। वहीं जनवरी 2026 से अब तक 9,106 कॉल प्राप्त हुई हैं।
ऐसे में विभाग का मानना है कि आत्महत्या की रोकथाम को केवल मानसिक बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए व्यापक जनस्वास्थ्य दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, जिसमें परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यस्थलों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और समुदायों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
हरियाणा का जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) अब राज्य के प्रत्येक जिले में संचालित हो रहा है। इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आकलन, काउंसलिंग, उपचार और आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ सेवाओं के लिए रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशिक्षित काउंसलर और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ तनाव, चिंता, अवसाद, नशे से जुड़ी समस्याओं, पारिवारिक एवं व्यक्तिगत चुनौतियों तथा आत्महत्या संबंधी विचारों को लेकर सहायता प्रदान करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर कॉल करने वालों को आगे की देखभाल और उपचार से भी जोड़ा जाता है।
इस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गूगल की आत्महत्या रोकथाम संबंधी सुविधा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके तहत ‘सुसाइड’ या संकट से संबंधित शब्दों को सर्च करने पर सत्यापित हेल्पलाइन नंबर तुरंत दिखाई देते हैं, जिससे जरूरत के समय महत्वपूर्ण सहायता की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
हरियाणा के आत्महत्या रोकथाम प्रयासों में विद्यार्थियों और युवा वयस्कों को सहायता उपलब्ध कराना एक प्रमुख प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने युवाओं के भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव, करियर को लेकर अनिश्चितता, माता-पिता की अपेक्षाएं, रिश्तों में टूटन, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया का दबाव, अकेलापन और नशे जैसी समस्याओं को गंभीर जोखिम कारकों के रूप में पहचाना है।



