उत्पादन बढ़ने के कारण निर्धारित खरीद सीमा से ज्यादा धान बेच सकेंगे किसान, 48 घंटे में होगा रिकॉर्ड का सत्यापन
Yuva Haryana: हरियाणा में धान की अच्छी पैदावार के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है। सरकार अब निर्धारित सीमा से अधिक धान का उत्पादन करने वाले किसानों की अतिरिक्त उपज भी खरीदने की तैयारी में है। इसके लिए किसानों को हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के सचिव के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद राजस्व या कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उत्पादन और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 48 घंटे के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
धान की पैदावार में बढ़ोतरी के कारण कई किसानों के सामने यह समस्या आ रही थी कि वे अपनी पूरी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर कैसे बेचें। निर्धारित सीमा से अधिक उत्पादन होने पर अतिरिक्त धान की खरीद को लेकर किसानों में चिंता थी। सरकार के इस कदम से ऐसे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अतिरिक्त धान खरीदने के लिए सत्यापन जरूरी
राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित सीमा से अधिक धान उत्पादन करने वाले किसानों के रिकॉर्ड की जांच की जाए। सत्यापन में किसान के पिछले उत्पादन, मौजूदा फसल की पैदावार और बिक्री से संबंधित जानकारी देखी जाएगी।
राजस्व या कृषि विभाग के अधिकारी रिकॉर्ड की पुष्टि करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद अतिरिक्त धान की खरीद का रास्ता साफ हो सकेगा। इसके लिए 48 घंटे की समयसीमा तय की गई है, ताकि किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से संबंधित प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी अपने क्षेत्र के खरीद केंद्र या संबंधित कृषि विभाग से प्राप्त करें।
भारतीय किसान यूनियन ने भी उठाया मुद्दा
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने धान की निर्धारित खरीद सीमा और वास्तविक उत्पादन के बीच अंतर का मुद्दा उठाया है। यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर किसानों की समस्या से अवगत कराया।
यूनियन का कहना है कि कई क्षेत्रों में इस साल धान का उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हुआ है। ऐसे में यदि खरीद सीमा को पुराने औसत उत्पादन के आधार पर तय किया जाता है, तो किसानों को अपनी पूरी उपज बेचने में परेशानी हो सकती है।
किसान संगठनों की मांग है कि सरकारी खरीद की व्यवस्था वास्तविक उत्पादन के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसानों को अतिरिक्त उपज निजी व्यापारियों को कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े।
32 से 35 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंचा उत्पादन
केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत कुछ जिलों में धान की खरीद सीमा पहले 26 से 28 क्विंटल प्रति एकड़ के औसत उत्पादन के आधार पर तय की गई थी। हालांकि, इस बार कई क्षेत्रों में उत्पादन बढ़कर 32 से 35 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
उत्पादन और निर्धारित खरीद सीमा के बीच अंतर के कारण किसानों को चिंता थी कि अतिरिक्त धान की सरकारी खरीद नहीं हो पाएगी। ऐसे में रिकॉर्ड सत्यापन के बाद अतिरिक्त उपज खरीदने की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अलग-अलग जिलों में खरीद सीमा की स्थिति
विभिन्न जिलों में धान की खरीद सीमा अलग-अलग रही है। इनमें शामिल प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कैथल: 3.49 लाख एकड़ में धान की फसल, खरीद सीमा 27 क्विंटल प्रति एकड़।
- करनाल: 25.25 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा और लगभग 3.9 लाख एकड़ में धान की खेती का उल्लेख।
- फतेहाबाद: 2.97 लाख एकड़ में खेती और 28.31 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा।
- यमुनानगर: 3.2 लाख एकड़ में धान की फसल और 27 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा।
- अंबाला: 1.31 लाख एकड़ में धान की खेती और 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा।
- पानीपत: लगभग 18 हजार एकड़ में धान की फसल और 26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा।
- हिसार: करीब 52 हजार एकड़ में धान की खेती और 26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा।
- कुरुक्षेत्र: 2.95 लाख एकड़ में धान की फसल और 29.26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा।
किसानों को क्या करना होगा ?
निर्धारित सीमा से अधिक धान बेचने के इच्छुक किसानों को संबंधित HSAMB सचिव के पास आवेदन करना होगा। इसके बाद अधिकारी रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद ही अतिरिक्त उपज की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य बढ़े हुए उत्पादन के कारण किसानों को होने वाली परेशानी कम करना और खरीद व्यवस्था को वास्तविक पैदावार के अनुरूप बनाना है। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि सत्यापन और अतिरिक्त खरीद की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है।

